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    UPPCL: ब‍िजली के निजीकरण पर उपभोक्ता परिषद ने CM योगी से की उच्च स्तरीय जांच की मांग, कही ये बात

    Updated: Mon, 09 Dec 2024 07:38 AM (IST)

    उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि पावर कारपोरेशन इतनी जल्दबाजी में है कि वह आरएफपी या अन्य मसौदे को बिना विद्युत नियामक आयोग में ले जाए सीधे कैबिनेट से पास कराना चाहता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए अनुरोध किया है कि कैबिनेट में जल्दबाजी में इस प्रस्ताव को पास न किया जाए।

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    उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पूर्वांचल व दक्षिणांचल बिजली निगम के जल्दबाजी में किए जा रहे निजीकरण पर राज्य उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि पावर कारपोरेशन इतनी जल्दबाजी में है कि वह आरएफपी या अन्य मसौदे को बिना विद्युत नियामक आयोग में ले जाए, सीधे कैबिनेट से पास कराना चाहता है।

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    उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए अनुरोध किया है कि कैबिनेट में जल्दबाजी में इस प्रस्ताव को पास न किया जाए। वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से माहौल बनाकर जल्दबाजी में निर्णय कराया जा रहा है, उससे प्रतीत हो रहा है कि सब कुछ फिक्स है जिसकी सीबीआइ जांच होना जरूरी है।

    अवधेश वर्मा ने कहा कि उपभोक्ता परिषद की याचिका में अपने को फंसता देख पावर कारपोरेशन ने दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के बोर्ड आफ डायरेक्टर से अपने को अधिकृत कराया है। वर्मा ने कहा कि उपभोक्ता परिषद ने पहले ही विद्युत नियामक आयोग में यह प्रस्ताव दाखिल किया है कि दोनों कंपनियां पावर कारपोरेशन के दबाव में कोई भी निर्णय ले सकती हैं, इसलिए दोनों कंपनियों के बोर्ड आफ डायरेक्टर को बर्खास्त किया जाए और प्रशासक नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में आदेश पारित किया जा चुका है कि पावर कारपोरेशन स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली बिजली कंपनियों को कोई भी निर्देश जारी नहीं कर सकता है।

    काली पट्टी बांधकर निजीकरण का विरोध करेंगे अभियंता

    राज्‍य ब्‍यूरो, लखनऊ। बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ लगातार स्वर बुलंद कर रहे पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि यदि 10 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक में यदि पीपीपी माडल से जुड़े प्रस्ताव को पास किया जाता है तो पूरा दिन दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंता काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।

    ऑफिसर्स एसोसिएशन की रविवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में कहा गया कि दलित व पिछड़े वर्गों सहित अन्य गरीब वर्ग के आरक्षण पर होने वाले कुठाराघात पर आज तक पावर कारपोरेशन की तरफ से कोई भी सफाई नहीं दी गई है।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष के राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, सचिव आरपी केन, अतिरिक्त महासचिव अजय कुमार ने सभी दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं और संगठन के सदस्यों को निर्देश दिया है कि यदि 10 दिसंबर को कैबिनेट में पीपीपी माडल को मंजूरी दी जाती है, तो दूसरे दिन 11 दिसंबर को पूरे प्रदेश में अभियंता एक दिन का उपवास रखते हुए अपना कार्य नियमित रूप से करते रहेंगे।