Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    UP Cabinet Meeting: दिवाली से पहले रामनगरी में कल होगी योगी कैबिनेट की बैठक, जानिए किन प्रस्तावों को मिलेगी हरी झंडी

    By Shobhit SrivastavaEdited By: Prince Sharma
    Updated: Wed, 08 Nov 2023 06:30 AM (IST)

    UP Cabinet नौ नवंबर को होने वाली बैठक में अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद व मुजफ्फरनगर के शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन को हरी झंडी दी जाएगी। भाजपा सरकार मिशन 2024 को साधने के लिए धर्म सांस्कृतिक राष्ट्रवाद व विकास पर तेजी से काम कर रही है। अयोध्या में भव्य दीपोत्सव से पहले नौ नवंबर को योगी सरकार की पूरी कैबिनेट यहां बैठेगी।

    Hero Image
    UP Cabinet Meeting: दिवाली से पहले रामनगरी में कल होगी योगी कैबिनेट की बैठक

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रयागराज के बाद अब अयोध्या में योगी सरकार कैबिनेट की बैठक कर अपने धार्मिक एजेंडे को धार देगी। नौ नवंबर को होने वाली बैठक में अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद, देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद व मुजफ्फरनगर के शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन को हरी झंडी दी जाएगी। तीनों ही विकास परिषद में मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे। कैबिनेट से इन विधेयकों को पास कराने के बाद नवंबर अंत में होने वाले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में इन्हें रखा जाएगा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भाजपा सरकार मिशन 2024 को साधने के लिए धर्म, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद व विकास पर तेजी से काम कर रही है। 11 नवंबर को अयोध्या में भव्य दीपोत्सव से पहले नौ नवंबर को योगी सरकार की पूरी कैबिनेट यहां बैठेगी। दिन में सवा तीन बजे से यह बैठक रखी गई है। यहां की बैठक के लिए ऐसे प्रस्तावों को चुना गया है जो धर्म व संस्कृति से जुड़े हुए हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के गठन का निर्णय यहां पर लिया जाएगा। इसके अध्यक्ष भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। उपाध्यक्ष सरकार नामित करेगी।

    अयोध्या में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मकर संक्रांति मेला एवं बसंत पंचमी मेला तथा बुलंदशहर में होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला के प्रांतीयकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दी जाएगी। इसी प्रकार हाथरस में प्रतिवर्ष होने वाले लक्खी मेला दाऊजी महाराज का भी प्रांतीयकरण किया जाएगा। मेला का प्रांतीयकरण होने के बाद सरकार इस मेले में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में व्यवस्था करेगी। इससे मेला और भव्य व सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगा।

    इसके अलावा उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन का भी निर्णय हो सकता है। इससे जलमार्ग परिवहन के विकास एवं नियोजन से जुड़ी गतिविधियों पर यह प्राधिकरण निर्णय लेगा। इसी प्रकार महाराजगंज के सोहागीबरवा वन्यजीव प्रभाग के समीप पर्यटन की परियोजनाओं के लिए भूमि पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी बैठक में आ सकता है।