UP Cabinet Decision: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (FCI) अलीगढ़ को स्टेट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट (SIHM) के रूप में उच्चीकृत करने के प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इससे हर वर्ष करीब 1,700 से अधिक युवाओं को परास्नातक डिग्री, परास्नातक डिप्लोमा, स्नातक डिग्री, डिप्लोमा व कौशल विकास पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 17 प्रकार के कोर्सों में प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की ओर से वेतन भत्तों के मद में दिया जा रहा अनुदान उच्चीकृत होने के बाद नवसृजित स्टेट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट अलीगढ़ को आवंटित किया जाएगा। एसआइएचएम के लिए नेशनल काउंसिल आफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलाजी के मानकों के अनुरूप कुल 71 पदों की स्वीकृति दी गई है। एफसीआइ अलीगढ़ के लिए स्वीकृत 19 पदों को एसआइएचएम अलीगढ़ में समाहित करते हुए शेष 52 पदों को सृजित किए जाने की स्वीकृति भी दी गई है।

कैबिनेट ने इस मामले में आवश्यक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है। एफसीआइ अलीगढ़ को उच्चीकृत करने से संस्थान की क्षमता का विस्तार होगा। रोजगारपरक स्नातक स्तरीय विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षण-प्रशिक्षण होगा।

रामपुर में अग्निशमन केंद्र के लिये मिली भूमि : कैबिनेट ने रामपुर में अग्निशमन केंद्र के आवासीय व अनावासीय भवन के निर्माण का निर्णय किया है। रामपुर के ग्राम हजरतपुर में अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए नगर विकास विभाग ने 7500 वर्ग मीटर भूमि गृह विभाग को हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस, जल निगम को 5.12 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त की गई है।

प्रतापगढ़ में मानधाता बाजार को नगर पंचायत का दर्जा : योगी सरकार ने प्रतापगढ़ जिले में मानधाता बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने का निर्णय किया है। जौनपुर की नगर पालिका परिषद मुंगरा बादशाहपुर के सीमा विस्तार को भी मंजूरी दी है। कैबिनेट बैठक में इस बारे में नगर विकास विभाग के दो प्रस्तावों पर मुहर लगी। नई नगर पंचायत के गठन के बाद प्रदेश में अब नगर निकायों की संख्या 752 हो गई है जिनमें 17 नगर निगम, 199 नगर पालिका परिषदें और 536 नगर पंचायतें शामिल हैं।

तीन महीने बढ़ाई गई हथकरघा पालिसी 2017 : उत्तर प्रदेश हथकरघा, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पालिसी-2017 की समयावधि तीन महीने बढ़ा दी गई है। पांच साल के लिए लागू की गई इस पालिसी की समयावधि 13 जुलाई 2022 को खत्म हो गई थी। नई वस्त्र इकाइयों की स्थापना व निवेश में किसी भी तरह की कठिनाई न आए, इसके लिए ऐसा किया गया है। इस नीति का क्रियान्वयन अवधि 13 जुलाई 2017 से 12 जुलाई 2022 तक के लिए प्रभावी थी। इसके तहत 85 इकाईयों की स्थापना के प्रस्ताव पेश किए गए थे और इसमें से 32 को लेटर आफ कंफर्ट जारी कर दिया गया है। अब इन्हें धनराशि वितरण का कार्य किया जा रहा है।

Edited By: Umesh Tiwari