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    केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यूपी की तारीफ की, बोले- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का हब बन रहा है उत्तर प्रदेश

    उत्तर प्रदेश में हो रहे सकारात्मक बदलाव पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रदेश में बने रहे इलेक्ट्राानिक हब की याद दिलाई है।

    By Vikas MishraEdited By: Updated: Wed, 19 Jan 2022 03:32 PM (IST)
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    राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रदेश में बने रहे इलेक्ट्राानिक हब की याद दिलाई है।

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में हो रहे सकारात्मक बदलाव पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रदेश में बने रहे इलेक्ट्राानिक हब की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि बंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद की तरह पहचान जिस तरह इलेक्ट्रानिक को लेकर थी वही अब अब उत्तर प्रदेश में स्थापित हो रहा है। आने वाले वर्षों में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात में उत्तर प्रदेश का अहम योगदान होगा और यह सब उत्तर प्रदेश में कानून व व्यवस्था में सुधार व निवेशकों की जरूरतों के मुताबिक माहौल देने से संभव हुआ है। अखिलेश को यह नहीं दिख रहा होगा लेकिन प्रदेश की जनता देख भी रही है और समझ भी रही है। 

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    चंद्रशेखर ने बताया कि अगले पांच साल में देश में 22 लाख करोड़ रुपए के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनेंगे और इनमें से 14-15 लाख करोड़ रुपए का निर्यात होगा और इन सबमें उत्तर प्रदेश की प्रमुख भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन बनाने वाली दो बड़ी कंपनी एप्पल और सैमसंग चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 40,000 करोड़ रुपए का मोबाइल उत्पादन करेंगी और इनमें से 15,000 करोड़ रुपए का निर्यात किया जाएगा। इन दो कंपनियों में से एक सैमसंग का उत्पादन उत्तर प्रदेश स्थित यूनिट से ही हो रहा है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स हब के साथ आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप्स का हब होगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में स्टार्टअप्स केंद्र खोले जा रहे हैं और आगामी कुछ सालों में हैदराबाद और बंगलुरू की तरह मेरठ, आगरा और लखनऊ जैसे शहरों से यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स निकलेंगे।

    चंद्रशेखर ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 81 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है और इनमें से 60 अरब डॉलर निवेश तकनीक से जुड़ा है। तकनीक का हब बनने से इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश को मिलने जा रहा है। चंद्रशेखर ने बताया कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश में सैमसंग, लावा इंटरनेशनल, पैजेट जैसी कंपनियां उत्पाद शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश के नोएडा इलाके में मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी वस्तु बनाने वाली 80 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि 2025 तक ये कंपनियां नोएडा में एक अरब मोबाइल फोन का निर्माण करने लगेंगी।