लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश सचिवालय के बापू भवन में एक कर्मी की अपने कक्ष में अश्लीलता के बाद आत्महत्या प्रकरण अभी पुराना भी नहीं हुआ था कि संविदा कर्मी से छेड़छाड़ के मामले में अब अनु सचिव जेल में हैं। अनु सचिव इच्छाराम यादव ने बापू भवन की गैलरी में एक संविदाकर्मी से छेड़छाड़ की। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला के रिपोर्ट दर्ज कराने के 12 दिन बाद पुलिस से इच्छा राम यादव को गिरफ्तार किया है।

उत्तर प्रदेश सचिवालय में बापू भवन में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात अनु सचिव इच्छाराम यादव ने बीते दिनों संविदाकर्मी महिला से लगातार छेड़छाड़ एवं अभद्रता की। इसी बीच वायरल वीडियो में इच्छाराम महिला कर्मी से छेड़छाड़ के बाद अपने मुह में लगी महिला की लिपस्टिक को पोंछ रहा है। इसके बाद संविदाकर्मी ने परेशान होकर इच्छाराम यादव की अश्लील हरकतों का वीडियो बनाकर स्वयं ही वायरल कर दिया। इसके बाद महिला ने साक्ष्य के तौर पर इच्छाराम के तमाम अश्लील वीडियो साक्ष्य के रूप में पेश पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में तहरीर दी। जिस पर केस दर्ज करने के बाद भी आनाकानी करने वाली पुलिस को इच्छाराम यादव को गिरफ्तार करने में 12 दिन का समय लगा।

इस वीडियो की बाबत जब इच्छाराम यादव से पक्ष पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि पुलिस से पूछो, हां मैं वीडियो में हूं। आप को क्या लेना देना है। संविदाकर्मी महिला ने 29 अक्टूबर को हुसैनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपित इच्छाराम यादव को गिरफ्तार करने में बड़ा समय लिया। एडीसीपी सेंट्रल ख्याति गर्ग ने बताया कि इस पूरे मामले में मुकदमा 29 अक्टूबर को दर्ज किया जा चुका है और आगे की विवेचना प्रचलित है। इस महिला को बयान दर्ज करने के लिए दो-तीन बार बुलाया गया है, दोनों तरफ के जो भी साक्ष्य होंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

हसनगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली पीडि़ता अल्पसंख्यक विभाग में संविदा पर तैनात हैं। पीडि़ता ने अलसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात अनु सचिव इच्छाराम यादव पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इच्छाराम 2018 से लगातार छेड़छाड़ करता है। छेड़छाड़ की हद पार हो गयी, तब पीडि़ता ने आरोपी अनुसचिव का वीडियो बना लिया, जिसमें देखा जा सकता है, आरोपी अनुसचिव युवती के साथ छेड़छाड़ करता नजर आ रहा है और महिला बचने का प्रयास कर रही है, लेकिन आरोपी जबरदस्ती करता है। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि विरोध पर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी जाती रही है। 

Edited By: Dharmendra Pandey