यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Russia Ukraine War: देश की बेटी की मार्मिक अपील, वीडियो जारी कर भारत सरकार को दिया यह मैसेज
Russia Ukraine War वैशाली ने बताया कि वह जहां रहती हैं वहां यूक्रेन का मिलिट्री कैंट है जिस पर रूस ...और पढ़ें

हरदोई, जागरण संवाददाता। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध से हरदोई में भी खलबली मच गई है। हरदोई की दो बेटियां यूक्रेन में एमबीबीएस की छात्रा हैं और वहीं पर फंसी हुई हैं, जिसमें एक तेरा पुरसौली की प्रधान है। युद्ध के बाद दोनों के परिवारवाले परेशान में हैं।
सांडी विकास खंड के ग्राम तेरा पुरसौली की वैशाली यादव प्रधान हैं। पिता महेंद्र यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही है। यूक्रेन में तीन वर्ष का एमबीबीएस कोर्स हैं और उसका आखिरी सेमेस्टर चल रहा है। वर्ष 2021 के सितंबर में वैशाली यूक्रेन गई थी। पिछले कुछ दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की आहट से वह परेशान थी। बुधवार को उसकी यूक्रेन से भारत के लिए फ्लाइट थी, लेकिन जिस जगह पर वैशाली रह रही थी, वहीं पर यूक्रेन का मिलिट्री कैंट है, जिस पर रूस ने मिसाइल छोड़ दिया, जिसके बाद पूरा शहर बंद हो गया और आपातकाल घोषित कर दिया गया। शहर बंद होने के कारण वैशाली को खाने पीने की सामग्री भी नहीं मिल पा रही है। वह लगातार बेटी से फोन पर हालचाल ले रहे हैं। पूरा परिवार बेटी को लेकर चिंतित है।
हरदोई : यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध से हरदोई में भी खलबली मच गई है। हरदोई की दो बेटियां यूक्रेन में एमबीबीएस की छात्रा हैं और वहीं पर फंसी हुई हैं, जिसमें एक तेरा पुरसौली की प्रधान है। युद्ध के बाद दोनों के परिवारवाले परेशान में हैं।#RussiaUkraineConflict pic.twitter.com/ffVRNpZ4Ad
— Pawan Tiwari🇮🇳 🇮🇳 (@pawan_pawant) February 24, 2022
शहर के रेलवे गंज निवासी चिकित्सक की बेटी अपेक्षा सिंह यूक्रेन के खरकी शहर में नेशनल खरकी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा हैं। जैसा कि बताया गया कि अपेक्षा भी यूक्रेन में फंसी हुई हैं। दोपहर करीब दो बजे उनकी बेटी से बात हुई तब वह बाजार में थी। यूनिवर्सिटी में आनलाइन क्लासेज चल रही हैं। बेटी सकुशल है अब उसका पांच महीने का ही कोर्स बाकी रह गया है। बेटी अपेक्षा सिंह ने कहा कि अब कुछ ही समय डिग्री मिलने में रह गया है। इंडियन एंबेसी ने उसके दस्तावेज जमा करा लिए है।
