लखनऊ, जेएनएन। राजधानी स्थित इटौंजा थानाक्षेत्र में बच्चों के विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई और लाठी डंडे चले। संघर्ष करते हुए खून से लथपथ भाई-बहन कार्रवाई की मांग लेकर इटौंजा चौकी पहुंचे। जहां तैनात सिपाही ने अमानवीय व्यवहार करते हुए भगा दिया। मामले में एसएसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिपाही को लाइन हाजिर किया है। उधर, पीडि़त परिवार ने चार आरोपितों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। 

ये है पूरा मामला 
मामला इटौंजा थानाक्षेत्र के नरोसा गांव का है। यहां के निवासी मोहम्मद शाहरुख खां के मुताबिक, उसका छोटा भाई इकबाल घर के सामने खेल रहा था, तभी पड़ोस के इस्लाम का लड़का अल्ताफ आ गया। जो आपस में खेलने के दौरान लडऩे लगे। तब उसकी मां सविरी व बहन शबनम ने दोनों को अलग कर दिया। आरोप है कि उसके बाद इस्लाम, यूनुस, शकील व उस्मान निवासी नरोसा ने लाठी-डंडे लेकर उसकी बहन पर जानलेवा हमला किया, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। बचाव करने पर उसे भी पीटा। जब उसके परिवार के लोग आ गए तो मारने की धमकी देते हुए भाग गए। 

गुहार लेकर पहुंचे भाई बहन को भगाया, सिपाही लाइन हाजिर 
खूनी संघर्ष में घायल युवक अपनी बहन के साथ कर्रवाई की गुहार लिए इटौंजा चौकी पहुंचा। लेकिन मौके पर तैनात सिपाही राहुल ने अमानवीस व्‍यवहार किया। राहुल पर आरोप है कि उसने पीडि़त परिवार को न समय से मदद दी और न ही उन्हें थाने पहुंचाया। सीओ बीकेटी डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। लापरवाही बरतने के आरोप में थाने के सिपाही राहुल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

 

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Posted By: Divyansh Rastogi

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