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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ: नीलगाय को खा गया बाघ, रहमान खेड़ा गांव के पास खूंखार जानवर के मूवमेंट से दहशत में लोग; लगाए गए पिंजरे

Published: Fri, 13 Dec 2024 05:20 PM (IST)

डीएफओ डॉ. सिंतानु पांडेय का कहना है कि 13 सेमी के पगचिंह मिले है और शिकार पर नील गाय का ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। जागरण
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। जागरण

जागरण संवाददाता, लखनऊ। कई माह से वन विभाग के अधिकारी लाठी पीटते रहे और जिसे बड़ी बिल्ली बता रहे थे, वह आखिरकार बाघ ही निकला। इस बाघ ने गुरुवार दोपहर तीन बजे के करीब रहमान खेड़ा में एक नील गाय को शिकार कर लिया और उसे खा गया।

इस घटना के बाद जागे वन विभाग के अधिकारियों ने अब कल से दो पिंजड़ा और पांच कैमरे और लगाने का निर्णय लिया है। इस घटना से काकोरी से लेकर मलिहाबाद और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है।

वन विभाग के अधिकारी रहमान खेड़ा के बहता नाले के पास से पिंजड़ा लगाकर हटे ही थे कि उसके कुछ देर बाद ही बाघ ने नील गाय को दबोच लिया। यह वहीं जगह है, जहां पर मार्च 2012 में बाघ आया था और 109 दिन बाद उसे पकड़ा गया था।

डीएफओ डॉ. सिंतानु पांडेय का कहना है कि 13 सेमी के पगचिंह मिले है और शिकार पर नील गाय का किया गया है, उससे साफ है कि यह बाघ ही है। बाघ को पकड़ने के लिए घेराबंदी की जा रही है।

काकोरी के रहमान खेड़ा के बाद अब वन्यजीव के पैरों के निशान पास के ही गांव करझन में दिखे थे। बुधवार को एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें कोई वन्यजीव खेत में टहलता दिख रहा है। हालांकि वीडियो सुबह का था और उस समय कोहरा था। ऐसे में पुष्टि नहीं हो पा रही थी कि कि कौन सा वन्यजीव है। 

गत एक वर्ष से जंगली जानवर किसी न किसी इलाके में दिख रहा है। कुछ समय पहले ही शहीद पथ के पास रात में सड़क पार करते समय दुर्घटना में तेंदुए की मौत हो गई थी। इसके बाद यह माना जा रहा कि तेंदुए गोमती के बगल रास्ते से शहरी सीमा में भी पहुंच रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही बख्शी का तालाब क्षेत्र में भी वन्यजीव के पगहिंच देखे गए थे। पिछले सप्ताह मीठेनगर, दुगौली और अगले दिन श्वेतांक पेट्रोल पंप, इसके बाद रहमान खेड़ा जंगल में कर्मचारियों को वन्यजीव पगचिंह मिले थे।