Move to Jagran APP

UP News: लखनऊ और कानपुर में स्थापित होंगे तीन डिफेंस प्रोजेक्ट, 117 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

रक्षा मंत्रालय की डिफेंस टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम (डीटीआइएस) के तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) उत्तर प्रदेश में तीन इकाइयों की स्थापना करेगी। कानपुर और लखनऊ में स्थापित होने वाली ये इकाइयां रक्षा क्षेत्र की आधारभूत संरचना के परीक्षण की बुनियादी कमियों को दूर करने में मददगार होंगी। इससे रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को गति मिलेगी।

By Jagran News Edited By: Jeet Kumar Thu, 11 Jul 2024 05:45 AM (IST)
UP News: लखनऊ और कानपुर में स्थापित होंगे तीन डिफेंस प्रोजेक्ट, 117 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
लखनऊ और कानपुर में स्थापित होंगे तीन डिफेंस प्रोजेक्ट

 राज्य ब्यूरो, लखनऊ। रक्षा मंत्रालय की डिफेंस टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम (डीटीआइएस) के तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) उत्तर प्रदेश में तीन इकाइयों की स्थापना करेगी। कानपुर और लखनऊ में स्थापित होने वाली ये इकाइयां रक्षा क्षेत्र की आधारभूत संरचना के परीक्षण की बुनियादी कमियों को दूर करने में मददगार होंगी।

117 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे

डीटीआइएस के तहत 117 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार 75 प्रतिशत और प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत का अनुदान देगी। डीटीआइएस के जरिये रिसर्च एंड डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। रक्षा उत्पादन की गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी डीटीआइएस का महत्वपूर्ण कार्य होगा।

इस स्कीम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रक्षा उत्पादन क्षमता में सुधार हो और स्वदेशी कंपनियों को अच्छी परीक्षण सुविधाएं प्राप्त हों। इसका उद्देश्य देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप्स की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए रक्षा परीक्षण की बुनियादी संरचना में कमी को दूर करने का ये बड़ा माध्यम साबित होगा।

मैटेरियल टेस्टिंग सुविधा प्रदान करेगी

बता दें कि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर से उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्टि्रयल कारिडोर के तहत इन तीनों डीटीआइ स्कीम को शुरू किया जाना है। इसके लिए यूपीडा को कार्यान्वयन प्राधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। डीटीआइ स्कीम के तहत भारतीय अंतरिक्ष मिशन के लिए रणनीतिक साझेदार मिधानि (मिश्र धातु निगम लिमिटेड) लखनऊ में मैकेनिकल और मैटेरियल टेस्टिंग सुविधा प्रदान करेगी, जिस पर 40 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जाएंगे।

परीक्षण सुविधा प्रदान की जाएगी

वहीं, आइआइटी कानपुर में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) की ओर से कम्युनिकेशन परीक्षण सुविधा पर 31 करोड़ रुपये से अधिक और आइआइटी कानपुर में ही हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से अनमैंड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) परीक्षण सुविधा प्रदान की जाएगी। तीनों डीटीआइ स्कीम को एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के जरिये स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी।

सैन्य उपकरणों के आयात पर देश की निर्भरता भी कम होगी

यूपीनेडा के अधिकारियों के अनुसार डीटीआइ स्कीम आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। इससे रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को गति तो मिलेगी ही, साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, सैन्य उपकरणों के आयात पर देश की निर्भरता भी कम होगी।