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    मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर फिशिंग व मालवेयर हमले की आशंका, साइबर क्राइम सेल ने ट्विटर इंडिया से मांगी जानकारियां

    By Anurag GuptaEdited By:
    Updated: Sat, 09 Apr 2022 10:52 PM (IST)

    साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन बताते हैं कि नकली मैसेज में किसी ट्विटर अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति को गड़बड़ी पाये जाने का संदेश भेजकर फंसाया जाता है। ट्विटर के नाम से नकली कम्युनिकेशन का ट्रेंड बढ़ा है जिसमें ट्विटर के नाम से आइडी बनाकर अकाउंट हैक क‍िए जा रहे हैं।

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    डबल वैरीफिकेशन का इस्तेमाल कर किया जा सकता है बचाव।

    लखनऊ, राज्य ब्यूरो।  मुख्यमंत्री कार्यालय के टि्वटर अकाउंट को हैक किए जाने में फिशिंग व मालवेयर हमले की आशंका है। डीजीपी मुख्यालय स्थित साइबर क्राइम सेल ने भी इन बिंदुओं पर अपनी छानबीन शुरू करने के साथ ही टि्वटर इंडिया से कई सूचनाएं भी मांगी हैं। एसपी साइबर क्राइम प्रो.त्रिवेणी सिंह का कहना है कि कई स्तर पर गहनता से छानबीन की जा रही है। डीजीपी मुख्यालय ने पुलिस के सभी टि्वटर अकाउंट में डबल वेरीफिकेशन समेत सुरक्षा के अन्य उपायों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश भी दिया है।

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    मुख्यमंत्री कार्यालय के टि्वटर अकाउंट को शुक्रवार देर रात जिस तरह से हैक किया गया था, उसे देखकर साइबर विशेषज्ञ भी इसे बड़े स्तर पर की गई साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन बताते हैं कि इन दिनों टि्वटर के नाम से नकली कम्युनिकेशन का ट्रेंड बढ़ा है। जिसके तहत टि्वटर के नाम से आइडी बनाकर संदेश भेजकर अकाउंट हैक करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके तहत हैकर टि्वटर के लोगो व नाम का इस्तेमाल कर अटैक करता है।

    नकली मैसेज में किसी टि्वटर अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति को गड़बड़ी पाए जाने का संदेश भेजकर फंसाया जाता है। संदेश को सही मानकर संबंधित व्यक्ति अपनी आइडी व पासवर्ड साझा कर लेता है। जिसके बाद हैकर के लिए उस अकाउंट को अपने कब्जे में लेना बेहद आसान हो जाता है। इसे फिशिंग भी कहा जाता है। इसके अलावा हैकर मालवेयर का इस्तेमाल कर किसी मोबाइल फोन या कंप्यूटर में वायरस के जरिये हमला करके भी उसे हैक करते हैं। रक्षित कहते हैं कि इनसे बचने के लिए अपने अकाउंट डबल वेरीफिकेशन को हमेशा आन रखना चाहिए। यानी टू फैक्टर एथेंटीकेशन।

    इसके तहत पासवर्ड चुराये जाने के बाद भी अकाउंट होल्डर के मोबाइल पर आने वाले छह डिजिट के पासवर्ड की भी जरूरत पड़ती है। ऐसा करके खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। बताया कि इन दिनों वेरीफिकेशन व गाइड लाइन का अनुपालन न किए जाने संबंधी संदेश भेजकर टि्वटर, फेसबुक व इंस्टाग्राम समेत इंटरनेट मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर ऐसे हमले बढ़ गए हैं। हैकर उन्हीं अकाउंट को निशाना बनाते हैं, जिनके फालोअर की बड़ी संख्या होती है।