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    UP Health News: हार्ट अटैक के छह घंटे के अंदर संजीवनी है टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन, 10 दिन में 74 की बचाई जान

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Wed, 11 Jan 2023 09:27 AM (IST)

    यूपी के कानपुर में प‍िछले 10 द‍िनों में एक इंजेक्शन ने 74 लोगों की जान बचाई है। टेनेक्टाप्लेस नाम का ये इंजेक्शन अगर हार्ट अटैक के छह घंटे के अंदर मरीज को द‍िया जाता है तो यह खून में जमे हुए रक्‍त के थक्‍के को घोल देता है।

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    UP Health News: इंजेक्शन ने बचाई 74 मरीजों की जान

    कानपुर, जागरण संवाददाता। शीत लहर की वजह से हाइपरटेंशन और दिल के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। हार्ट अटैक पड़ने के बाद शहर ही नहीं आसपास के 16-17 जिलों के मरीज गंभीर स्थिति में लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान पहुंच रहे हैं। हार्ट अटैक पड़ने के छह घंटे के अंदर अगर मरीज हृदय रोग संस्थान पहुंच जाएं तो उनकी जान बचाई जा सकती है।

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    10 द‍िन में हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर के 304 गंभीर मरीज हुए भर्ती

    शासन ने मरीजों के लिए निश्शुल्क टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन मुहैया कराया है, जिससे जनवरी के 10 दिन में 74 हार्ट अटैक के मरीजों की जान बचाई गई है। हृदय रोग संस्थान की इमरजेंसी में एक जनवरी से अब तक हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर के 304 गंभीर मरीज भर्ती हुए हैं। उनमें से हार्ट अटैक पड़ने के छह घंटे के अंदर 74 मरीज भर्ती हुए। उनके वजन के हिसाब से टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन की डोज लगाई गई, जिससे 62 मरीजों की जान बच गई। इंजेक्शन लगाने के बाद भी 12 मरीजों की जान नहीं बच सकी। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें विलंब से अटैक का पता चला होगा, जिससे वह सही समय नहीं बता सके।

    मरीज के वजन के हिसाब से इंजेक्शन की डोज

    हार्ट अटैक के बाद हृदय रोग संस्थान की इमरजेंसी में मरीज लाए गए। उनके वजन के हिसाब से छह घंटे के अंदर इंजेक्शन लगाया जाता है।60 किलोग्राम से कम वजन के मरीजों को टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन की 30 एमजी डोज लगाई जाती है। अगर मरीज का वजन 60 किलोग्राम से अधिक है तो उन्हें इंजेक्शन की 40 एमजी की डोज लगाई जाती है।

    खून के थक्‍के को खत्‍म कर देता है टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन

    लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के प्रो. विनय कृष्ण ने बताया क‍ि हार्ट अटैक पड़ने के छह घंटे के अंदर अगर मरीज अस्पताल पहुंच जाए। उसे टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन लग जाए तो खून का थक्का पूरी तरह से घुल जाता है, जिससे मरीज की जान बच जाती है। छह घंटे के गोल्डन आवर के बाद मरीज के पहुंचने पर इंजेक्शन लगाने का कोई फायदा नहीं होता है।यह इंजेक्शन मरीजों को निश्शुल्क लगाया जाता है।किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं पड़ता है।

    हार्ट अटैक के लक्षण

    • सीने में जकड़न और बेचैनी।
    • सीने में तेज दर्द होना।
    • अचानक सांसें तेज चलना।
    • चक्कर के साथ पसीना आना।
    • कई बार सीने दर्द व जलन महसूस होती है।
    • नब्ज कमजोर पड़ने लगती है।

    इंजेक्शन का नाम               -डोज             -बाजार में कीमत -         -सरकारी कीमत

    टेनेक्टाप्लेस-                    30 एमजी           32,890                         24,024

    टेनेक्टाप्लेस                     40 एमजी           49,060                         24,976