लखनऊ [अमित सिंह]। सिनेमा एक ऐसा कैनवास है, जिसके माध्यम से हम अपनी किस्सों कहानियों में नए विचारों का रंग डालकर समाजिक कुरीतियों के खिलाफ बदलाव ला सकते हैं। कुछ ऐसा ही सपना शहर के युवा फिल्मकार ध्रुव हर्ष का है। गोंडा जिले के बनकसिया शिवरतन सिंह (कोटिया) नाम के एक छोटे से गांव से लेकर ओजार्क (यूएस), मायामी (अमेरिका), लंदन और तेहरान जैसे शहरों में हर्ष की फिल्मों ने एक अलग पहचान बनाई है। 

‘द महाभारत इन द कंटेम्पररी इंडियन इंग्लिश नॉवल’ विषय पर शोध कर चुके ध्रुव ने अब तक तीन शॉर्ट फिल्मों और एक फीचर डॉक्युमेंट्री फिल्म का लेखन और निर्देशन किया है। तीन फिल्मों ऑनरेबल मेंशन, हर्षित और डू आइ इग्जिस्ट ए रिडल को बेस्ट शार्ट फिल्म का पुरस्कार मिल चुका है। ये फिल्में ट्यूनिसिया, यूएस, लंदन, रूस, पोलैंड, कनाडा, कोलकाता इंटरनेशनल फि़ल्म फेस्टिवल, पुदुच्चेरी इंटरनेशनल और शिमला, मुंबई सहित कई राष्ट्रीय व अंतरष्ट्रीय फिल्म समारोहों में नॉमीनेट भी हो चुकी हैं। ध्रुव ने अपनी पहली फीचर फिल्म इल्हाम की शूटिंग लखनऊ और बाराबंकी में शुरू की है, जिसका कुछ हिस्सा उन्होंने शूट भी कर लिया है। इस फि़ल्म के निर्माता टॉयलेट एक प्रेम कथा फेम म्यूजिक डायरेक्टर विकी प्रसाद हैं। 

तिग्मांशु धूलिया को पसंद आया काम: एक सांस्कृतिक समारोह के दौरान बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने हर्ष के फिल्मों की तारीफ की थी। तिग्मांशु ने कहा था कि आने वाले समय में बॉलीवुड को ध्रुव के रूप में एक दिग्गज फिल्मकार मिलने वाला है। ध्रुव के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की थी। 

जब गौतम घोष ने कहा कि ये मेरा सपना था : ध्रुव हर्ष की फीचर डॉक्युमेंट्री रिलीज होने वाली है, जो कि कोलकाता में हाथ रिक्शा गाड़ी चलाने वाले चालकों और उनकी जि़ंदगी पर आधारित है। मशहूर फिल्म निर्देशक गौतम घोष ने कहा कि कोलकाता में रिक्शा पुलर पर डॉक्युमेंट्री बनाना मेरा सपना था, जबकि इस फिल्म को खुद ही उन्होंने नैरेट किया है।

इटली से मिला ऑफर 

ध्रुव हर्ष के काम से प्रभावित होकर मिलान इटली की यहूदी फिल्मकार आनद्रिया इमान्यूएला बसूनी ने साथ काम करने की इच्छा जताई है। ध्रुव अपने सह फिल्मकार आनद्रिया के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म की प्लानिंग कर रहे हैं। 

अभी ‘इल्हाम’ पर पूरा ध्यान 

ध्रुव हर्ष ने बताया कि अभी उनका पूरा ध्यान नई फिल्म ‘इल्हाम’ पर केंद्रित है। अवध की संस्कृति व पृष्ठभूमि पर बनने वाली इस फिल्म के कुछ हिस्से की शूटिंग पूरी भी हो चुकी है। जबकि अगला स्लॉट फरवरी में किया जाएगा।

कर चुके हैं शोध 

ध्रुव हर्ष ने अपनी डॉक्ट्रेट की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है। ‘द महाभारत इन द कंटेम्पररी इंडियन इंग्लिश नॉवल’ विषय पर शोध किया है।

Posted By: Anurag Gupta

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