कफ सीरप तस्करी: एसटीएफ की जांच में अमित और आसिफ की भूमिका उजागर, विभोर-विशाल के बाद शुभम ने संभाला नेटवर्क
भूपेंद्र चौहान की पूछताछ में कफ सीरप तस्करी के नेटवर्क में कारोबारी अमित गुप्ता और ट्रांसपोर्टर आसिफ की भूमिका सामने आई है।

HighLights
भूपेंद्र की पूछताछ में अमित गुप्ता, आसिफ की भूमिका उजागर।
बोगस फर्मों से कारोबार, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई।
एसटीएफ अब दोनों मुख्य आरोपियों की तलाश में।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के नेटवर्क में कारोबार की कमान एक हाथ से दूसरे हाथ में जाने की कहानी सामने आई है। पहले विभोर राणा और विशाल सिंह के लिए सीरप बिकवाने वाला भूपेंद्र सिंह चौहान बाद में शुभम जायसवाल के नेटवर्क से जुड़ गया।
भूपेंद्र ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि विभोर और विशाल के नेटवर्क में सीरप की आपूर्ति बंद होने के बाद शुभम ने इस अवैध कारोबार को आगे बढ़ाया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वाराणसी तक फैले इस नेटवर्क में दवा कारोबारी अमित गुप्ता और आसिफ की भूमिका भी सामने आई है। एसटीएफ अब दोनों की तलाश कर रही है।
भूपेंद्र ने शुभम के लिए शुरू किया काम
एसटीएफ की रिमांड के दौरान भूपेंद्र से नेटवर्क के संचालन, सीरप की खरीद-बिक्री और आपूर्ति के तौर-तरीकों को लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि भूपेंद्र पहले विभोर राणा और विशाल सिंह का माल स्टाकिस्टों तक पहुंचाता था। बाद में शुभम जायसवाल से जुड़ने पर उसने उसके लिए भी काम शुरू कर दिया।
इस कारोबार को संचालित करने के लिए बोगस फर्मों का इस्तेमाल किए जाने का मामला भी जांच के दायरे में है। फर्मों की दूसरी परत तैयार कर उनके नाम पर सीरप की खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी, जबकि वास्तविक कारोबार और माल की आपूर्ति का संचालन दूसरे लोग करते थे। फर्जी बिलिंग के जरिये सीरप की तस्करी को सामान्य कारोबारी लेनदेन का रूप देने की कोशिश की गई। दवा कारोबारी अमित गुप्ता पर अपने स्वजन के नाम पर कई फर्में बनवाने और उनमें निवेश करने का आरोप है।
आसिफ से जुड़े नेटवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण
एसटीएफ यह पता लगा रही है कि इन फर्मों के जरिये कितने का कारोबार दिखाया गया और इनके पीछे वास्तविक आर्थिक नियंत्रण किसका था। वहीं, आसिफ से जुड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भूपेंद्र ने पूछताछ में आसिफ के बड़े परिवहन कारोबार और नेपाल व बांग्लादेश की सीमाओं पर उसके संपर्कों का जिक्र किया है।
शुभम जायसवाल के दुबई स्थित संपर्कों और अमित गुप्ता व आसिफ के साथ उसके कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि सीरप तस्करी से अर्जित रकम का इस्तेमाल किन कारोबार और संपत्तियों में किया गया।
दुबई में होटल कारोबार और सेवन स्टार होटल में निवेश से जुड़े पहलुओं का भी सत्यापन किया जा रहा है। रिमांड के दौरान भूपेंद्र की निशानदेही पर एसटीएफ ने सहारनपुर स्थित उसके आवास और कार्यालय की भी जांच की। वहां से बिलिंग और सीरप तस्करी से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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