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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के स्कूल के बच्चे अब ड्रोन और रोबोट बनाना सीखेंगे, राज्यपाल ने कर दिया फ्यूचर प्लान रिवील!

Published: Sun, 05 Oct 2025 04:15 PM (IST)

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन में व्योमिका फाउंडेशन और एचडीएफसी बैंक के बीच एक एमओयू हुआ जिसके तहत ...और पढ़ें

राजभवन परिसर में बनेगी स्पेस साइंस व इनोवेशन लैब
राजभवन परिसर में बनेगी स्पेस साइंस व इनोवेशन लैब

HighLights

  1. राजभवन में स्पेस साइंस लैब स्थापित |
  2. एचडीएफसी बैंक का सीएसआर फंड उपयोग |
  3. बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी |

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में रविवार को राजभवन में व्योमिका फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। इसके तहत राजभवन परिसर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड से करीब 12.5 लाख रुपये की लागत से स्पेस साइंस एंड इनोवेशन लैब स्थापित की जाएगी। इससे बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, एआइ, खगोल विज्ञान और सैटेलाइट टेक्नोलाजी के प्रति रुचि और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

राज्यपाल ने कहा कि इस लैब के माध्यम से विद्यार्थी सैटेलाइट माडल, रोवर, ड्रोन और स्पेस मिशन सिमुलेशन जैसे प्रोजेक्ट पर काम करेंगे, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च विद्यालय को अब कक्षा 10वीं तक की मान्यता मिल गई है और जल्द ही नामांकन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि निर्माणाधीन आदर्श विद्यालय और नई लैब का उद्घाटन 26 जनवरी को किया जाएगा। बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने के लिए पढ़ाई को गंभीरता से लें, मेहनत से बढ़कर कोई विकल्प नहीं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई बच्चा लगातार अनुपस्थित रहे, तो अध्यापक स्वयं उसके घर जाकर कारण पूछें। अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद भी जाऊंगी।

राज्यपाल ने कहा कि अब विद्यालय में प्रतिदिन गांधीजी की आत्मकथा का एक अध्याय पढ़ाया जाएगा, ताकि बच्चों में नैतिकता और चरित्र निर्माण की भावना विकसित हो। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर व्योमिका फाउंडेशन, एचडीएफसी बैंक, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्कूली बच्चे मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली स्पेस लैब सिद्धार्थनगर जिले के हसुड़ी औसानपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में ग्राम प्रधान दिलीप कुमार त्रिपाठी के सहयोग से स्थापित की गई थी, जिसने इस दिशा में नई प्रेरणा दी।