लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बदमाश एक के बाद एक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े गला रेतकर हत्या कर दी गई। दो हमलावर हाथ में मिठाई के डिब्बा लेकर आवास में घुसे। उनमें से एक भगवा रंग के कपड़े पहने था। बातचीत के बाद चाय पी और अचानक मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए असलहा और चाकू से हमला बोल दिया। वारदात को अंजाम देकर पैदल ही भाग निकले। घटना में गंभीर रूप से जख्मी कमलेश तिवारी को आननफानन में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बता दें, कमलेश तिवारी ने दिसंबर, 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद कमलेश तिवारी की विवादित बयान देने के चलते गिरफ्तारी हुई थी। वह फिलहाल जमातन पर रिहा चल रहे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हाल ही में कमलेश तिवारी पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका) हटा दिया था।

ये है पूरा मामला

मामला नाका थानाक्षेत्र का है। यहां खुर्शेदबाग स्थित आवास में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी के घर पर ही बने कार्यालय में उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, दो बदमाश हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी से मिलने उनके घर में बने कार्यालय पहुंचे। बातचीत कर साथ में चाय पी, उसके बाद मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए असलहा व चाकू निकाल लिया। सबसे पहले हमलावरों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को गोली मारी उसके बाद ताबड़तोड़ चाकू से 15 से ज्यादा गले पर वार किए। गले पर गोली और चाकू के निशान मिले हैं। लहूलुहान हालत में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

पहले से परिचित थे हत्यारों से कमलेश 

भगवा कुर्ता पहने दो बदमाश मिठाई के डिब्बे में चाकू व पिस्टल छिपाकर लेकर कमलेश के आवास में सुबह करीब 11:47 बजे घुसे थे। दोनों करीब 36 मिनट तक कमलेश के घर में रहे। इस आधार पर पुलिस का मानना है कि हत्यारे कमलेश के संपर्क में थे। जब यह वारदात हुई, तब कमलेश घर के ऊपरी हिस्से में बने कमरे में अकेले थे। उनका बेटा ऋषि और पार्टी कार्यकर्ता सौराष्ट्र सिंह बाजार गए थे। कमलेश की पत्नी किरन तिवारी चाय देकर दूसरे कमरे में चली गई थीं। चर्चा यह भी है कि हत्यारे एक शादी के सिलसिले में कमलेश से बात करने आए थे। 

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गनर तो ड्यूटी पर आया ही नहीं

वहीं, घटना के चश्मदीद सौराष्ट्र सिंह ने बताया कि बीती रात से गनर ड्यूटी पर आया ही नहीं। कार्यालय के बाहर एक सिपाही ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन सो रहा था। उसने उन दोनों बदमाशों को अंदर भेजते समय ठीक से जांच ही नहीं की।

पैगम्बर मुहम्मद पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी 

कमलेश तिवारी वर्ष 2015 में तब सुर्खियों में आये थे, जब उन्होंने पैगम्बर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद कमलेश पर रासुका के तहत कार्रवाई हुई थी और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 

पत्नी से कहा था, कोई बधाई देने आ रहा है 

पत्नी किरन तिवारी ने बताया कि उनके पति कमलेश तिवारी के मोबाइल फोन किसी ने कॉल कर अयोध्या राम मंदिर मामले की सुनवाई पूरी होने पर बधाई देने के लिए घर आने की बात कही थी। जिसके बाद कमलेश ने उन्हें कमरा ठीक करने के लिए कहा था। कमलेश के मकान के निचले हिस्से में ङ्क्षहदू समाज पार्टी का कार्यालय है। 

48 घंटे में वारदात के राजफाश का दावा 

डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि सीसी कैमरों की फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। हत्यारे कमलेश के परिचित लग रहे हैं। कॉल डिटेल से भी कई जानकारियां मिली हैं। 48 घंटे में घटना का राजफाश हो जायेगा। 

सिर कलम करने का था 51 लाख इनाम 

कमलेश तिवारी का सिर कलम करने के लिए बिजनौर के कीरतगढ़ निवासी मोहम्मद मुफ्ती नईम ने 51 लाख रुपये और इमाम मौलाना अनुवारुल हक ने 1.5 करोड़ रुपये का इनाम रखा था। दोनो ही मौलानाओं के खिलाफ कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी ने नाका थाना में मामला दर्ज कराया है। 

चाकू से 13 वार किए हत्यारों ने वार 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिपोर्ट के मुताबिक हत्यारों ने कमलेश तिवारी के बायें जबड़े पर गोली मारने के बाद गला रेत दिया। गोली पीठ में जाकर फंस गई। इसके बाद धारदार हथियार से गला रेत दिया और श्वास नली कटने से मौत हुई। उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में 13 घाव चाकू के वार से हैं। इसमें छाती के दाहिनी तरफ दो और बाई तरफ आठ वार थे। जबकि पीठ पर तीन वार थे।

राजनाथ सिंह ने मांगी रिपोर्ट

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना के बाद डीजीपी और जिलाधिकारी से पूरी जानकारी ली। राजनाथ सिंह ने अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

गुजरात से जुड़ें हैं हत्या के तार 

हत्यारे जिस मिठाई का डिब्बा लाए थे, वह सूरत (गुजरात) में 16 अक्टूबर की रात 9:30 बजे खरीदी गई थी। डिब्बे में बिल से इसका पता चला। 13 अक्टूबर को कमलेश ने ट्वीट कर अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया था। ट्वीट में कमलेश तिवारी के गुजरात में पकड़े गये आइएसआइएस के आतंकियों के निशाने पर होने संबंधी खबर को भी साझा किया गया था। इस आधार पर घटना के पीछे आतंकी संगठन की किसी साजिश को भी नकारा नहीं जा सकता। हत्याकांड की जांच में एसटीएफ को भी लगाया गया है। सुरक्षा व खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं। गुजरात एटीएस ने यूपी एटीएस से संपर्क भी किया है। कमलेश की पत्नी किरन तिवारी ने नाका कोतवाली में बिजनौर के मुफ्ती नईम काजमी व इमाम मौलाना अनवारुल हक के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

 

आपसी रंजिश की बात आई सामने, आरोपितों पर रासुका 

सुराग की तलाश व मामले की छानबीन करने मौके पर फोरेंसिक टीम और एसएसपी पहुंचे है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, प्रतीत हो रहा है कि आपसी रंजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया है। मामले की छानबीन में 10 टीमें लगाई गई हैं। मौके पर एक पिस्टल बरामद हुई है, उसकी जांच की जा रही है। इलाके के आसपास लगे सभी सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उधर, मामले में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने आरोपितों पर रासुका लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने की घटना की निंदा

कमलेश तिवारी की हत्याकांड की ङ्क्षहदू संगठनों ने निंदा की है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी त्रिदंडी महाराज ने कहा कि इसकी सख्त निंदा की जानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष पीयूष कांत वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे श्रीराम जन्मभूमि वाद में अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से वह पैरोकार थे। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने से पहले पैरोकार की नृशंस हत्या शासन प्रशासन की विफलता का प्रतीक है।  हिंदू महासभा के प्रदेश सचिव अनुपम मिश्रा ने कहा कि हिन्दू महासभा और उसके श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन ने अपना अग्रणीय नेता खो दिया। उन्होंने कमलेश तिवारी की हत्या को श्रीराम जन्मभूमि के सर्वोच्च न्यायालय में अन्य सभी हिंदू पक्षकारों के लिए खुली चुनौती और जान का खतरा घोषित किया। 

जेहादी को फांसी दो, वरना गद्दी खाली कर दो...

कमलेश तिवारी अमर रहें, जेहादी को फांसी दो, वरना गद्दी खाली करो... योगी जी मौके पर आओ, ङ्क्षहदुओं को न्याय दिलवाओ... के नारे के साथ उग्र भीड़ ने टीले वाली मस्जिद के पास गुरुवार शाम चार बजे के करीब जाम लगा दिया। इसीबीच एक कार्यकर्ता ने रोडवेज बस पर पथराव कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसी तरह लोगों को शांत कराया गया और इमामबाड़ा की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। 

ङ्क्षहदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारों की गिरफ्तारी और मुख्यमंत्री के मौके पर आने की मांग को लेकर अड़े उनके बेटे ऋषि, चश्मदीद गवाह पार्टी कार्यकर्ता सर्वराष्ट्र सिंह और ङ्क्षहदू संगठन के कार्यकर्ता दूसरी तरफ से रास्ता चालू होने पर पक्का पुल की तरफ पहुंच गए और जाम लगा दिया। इससे सीतापुर रोड की तरफ से आना वाला यातायात भी ठप हो गया। इससे नया पक्का पुल, मेडिकल कालेज की तरफ के लिंक रोड और डालीगंज चौराहा चोक हो गया। पुलिस ने लोगों को समझने की कोशिश की तो भीड़ भड़क गई और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसीबीच जिलाधिकारी और एसएसपी ने भीड़ को समझाने की कोशिश की तो उनके सामने ही सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। परिवारजन और समर्थक मुख्यमंत्री के मौके पर आकर न्याय की मांग पर अड़े रहे। नतीजा रात नौ बजे के बाद भी रह-रहकर नारेबाजी और शव को बिना कार्रवाई के ले जाने को लेकर पुलिस व भीड़ के बीच नोकझोंक होती रही।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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