यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'जयंत चौधरी को अच्छी तरह जानता हूं, वो...', RLD-BJP गठबंधन की चर्चाओं पर क्या बोले शिवपाल यादव?
भाजपा के रालोद से नजदीकी बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में पांच सीटों की पेशकश की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी ...और पढ़ें

एएनआई, लखनऊ। भाजपा के रालोद से नजदीकी बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में पांच सीटों की पेशकश की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव का बयान सामने आया है। शिवपाल ने कहा, "मैं जयंत को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। वे धर्मनिरपेक्ष लोग हैं। बीजेपी केवल मीडिया का इस्तेमाल कर गुमराह कर रही है। वे (आरएलडी) इंडी गठबंधन में बने रहेंगे और बीजेपी को हराने का काम करेंगे।"
इससे पहले सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा था, ''रालोद के साथ हमारा सात सीटों पर समझौता हो चुका है, उन्होंने भी इस पर सहमति जताई है। राज्यसभा में भी सपा ने जयंत चौधरी को भेजा है। विपक्षी गठबंधन आईएनडीआइए की बैठकों में भी जयंत शामिल होते रहे हैं। ऐसे में सपा के साथ नाराजगी का तो कोई प्रश्न नहीं उठता है।''
आईएनडीआइए को लग सकता है झटका, सपा भी बेचैन
भाजपा के रालोद से नजदीकी बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में पांच सीटों की पेशकश की चर्चा तेज है। अगर रालोद भाजपा के साथ आती है तो विपक्षी गठबंधन आईएनडीआइए को प्रदेश में झटका लगना तय है। रालोद की भाजपा के साथ गठबंधन की चर्चाओं से समाजवादी पार्टी खेमे में भी बेचैनी है। रालोद का सपा से सात सीटों का गठबंधन 19 जनवरी को हो चुका है।
पश्चिमी उप्र में रालोद का साथ क्यों जरूरी?
बता दें कि पश्चिमी उप्र की 12 सीटों पर रालोद का खासा प्रभाव है। इसी कारण आईएनडीआइए और एनडीए दोनों को रालोद का साथ चाहिए। जिस गठबंधन में रालोद रहेगा उसका पलड़ा यहां भारी हो जाएगा। मुरादाबाद मंडल की हारी हुई सीटों पर भी रालोद की अच्छी पैठ है। इस मंडल की हार भाजपा को सालती है।
