लखनऊ, जेएनएन। Shivpal Singh Yadav Under Scanner in Gomti River Front Scam: प्रदेश में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी पर रिवर फ्रंट का काम तेजी से प्रारंभ किया गया। इस कार्य के प्रारंभ होने के दौरान कई बार इसका बजट भी बढ़ाया गया, लेकिन घोटाला इस कदर बढ़ा कि काम पूरा ही नहीं हो सका। करोड़ों रुपए के इस घोटाले में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर शिकंजा कस चुकी सीबीआइ अब तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) से भी पूछताछ की तैयारी में है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का दो दिन पहले ही सिक्योरिटी ग्रेड कम किया गया है। उनकी सिक्योरिटी ग्रेड को जेड से वाई कर दिया गया है। मैनपुरी लोकसभा उप चुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिंपल यादव (Dimple Yadav) के प्रचार में लगे शिवपाल सिंह यादव को अब और बड़ा झटका लगने वाला है।

लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले (Gomti River Front Scam) की जांच कर रही सीबीआइ तत्कालीन मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ ही पूर्व प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल के साथ ही शिवपाल सिंह यादव पर शिंकजा कस सकती है। गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में शिवपाल सिंह यादव के साथ ही दो बड़े अफसरों की जांच शुरू हो गई है।

रिवरफ्रंट घोटाले में कई इंजीनियर्स और एलडीए के अधिकारियों के खिलाफ सीबीआइ जांच में लगी है। सीबीआइ के एक अधिकारी के अनुसार शिवपाल सिंह यादव से रिवर फ्रंट घोटाले में पूछताछ की अनुमति पूर्व में मांगी गई थी, पर अब तक मिली नहीं है। जैसे ही अनुमति मिलेगी, हम पूछताछ तेजी से प्रारंभ कर देंगे।

इटावा के जसवंत नगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के समय प्रदेश के सिंचाई मंत्री थे। सिंचाई विभाग ने ही इस प्रोजेक्ट का अधिकांश काम किया था।

Edited By: Dharmendra Pandey

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