यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समाजवादी पार्टी ने संजय लाठर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बनाया नेता विरोधी दल
Leader Opposition In UP Vidhan Parishad सोमवार को विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद लाठर को विधान परिषद में नेता ...और पढ़ें

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश विधानमंडल में समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए तगड़ी तैयारी की है। विधानसभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नेता विरोधी दल हैं तो विधान परिषद में समाजवादी पार्टी ने संजय लाठर को विधान परिषद दल का नेता चुना है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे वरिष्ठ नेता अहमद हसन के निधन के बाद से खाली पड़े पद पर संजय लाठर को विधान परिषद में नेता विरोधी दल बनाया गया है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बेहद करीबी संजय लाठर को पार्टी ने मथुरा के मांट से विधानसभा चुनाव लड़ाया था। चुनाव में हारने के बाद भी वह विधान परिषद सदस्य के पद पर बराकरार हैं। विधान परिषद सदस्य संजय लाठर जाट समाज से आते हैं। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने संजय लाठर नेता प्रतिपक्ष होंगे। इस संबंध में सूचना जारी कर दी गई है। सोमवार को विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद लाठर को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष घोषित किया गया है। उन्हें नेता विरोधी दल के रूप में वो सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी जो कैबिनेट मंत्री को प्राप्त होती है।

एमएलसी चुनाव से पहले सपा को झटका: विधान परिषद सदस्य के लिए नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी को झटका लगा है। समाजवादी पार्टी से गाजीपुर से पूर्व एमएलसी कैलाश सिंह ने इस बार भाजपा को समर्थन देने का एलान कर दिया है। पूर्व एमएलसी डा. कैलाश सिंह ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा को समर्थन का एलान किया है। गाजीपुर के सैदपुर ब्लाक के औडि़हार के कैलाश सिंह ने शुक्रवार रात अपने गांव अठगांवा के हाकी स्टेडियम में 200 से अधिक ग्राम प्रधान और बीडीसी को अपने पाले में जुटाकर अपना दमखम दिखाया। इस दौरान कैलाश सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल को खुलेआम समर्थन देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की लगातार सेवा करने के साथ ही कई बार पार्टी को राजनीतिक संकटों से उबारने के बाद इस बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से एमएलसी का टिकट देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद भी पार्टी ने जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह और सांसद अफजाल अंसारी के इशारे पर टिकट बाहरी को दिया गया। इस परिस्थिति में अब समाजवादी पार्टी के साथ रहने का कोई मतलब नहीं है।
