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    Religion Conversion Gang : दुबई में नीतू से नसरीन बनी थी छांगुर की खास, अभिलेखों में नहीं बदला नाम

    Updated: Sun, 13 Jul 2025 07:51 PM (IST)

    Religion Conversion Gang in UP छांगुर ने ब्रेनवाश किया। सभी के मन में फिर हिन्दू धर्म के प्रति घृणा एवं इस्ला इस्लाम धर्म के प्रति विश्वास पैदा किया। इसी का नतीजा था कि वर्ष 2015 में दुबई जाकर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। दुबई सरकार ने तीनों को सर्टिफिकेट आफ इंब्रेसिंग दिया था। फिर यह लोग लौटकर भारत आए और छांगुर के साथ रहने लगे।

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    दुबई में नीतू से नसरीन बनी थी छांगुर की खास

    आयुष्मान पांडेय, जागरण, लखनऊ : मतांतरण गिरोह के मुखिया और मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के साथ पकड़ी गई नसरीन का पहले का नाम नीतू है। नीतू के साथ काम में उसे पति नवीन घनश्याम रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और उनकी बेटी समाले उर्फ भी शामिल थे।

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    दुबई में इन तीनों ने 16 नवंबर 2015 को इस्लाम धर्म स्वीकार किया और अपने नाम बदलकर जमालुद्दीन, नसरीन और सबीहा रख लिए। इसके अलावा गुंजा गुप्ता नामक एक महिला ने भी इस्लाम धर्म स्वीकार किया और अपना नाम अलीना अंसारी रख लिया था। फिर छांगुर ने उसका निकाह अमित उर्फ अबू अंसारी से कराया, जो पहले से ही शादीशुदा था।

    नीतू उर्फ नसरीन मुंबई के मुलुंड की रहने वाली है। 2014 में किसी के संपर्क से छांगुर से मिली थी। उसी के साथ बलरामपुर आ गई। यहां पर पति, बेटी समेत अन्य लोगों के साथ रहने लगी। छांगुर ने इन तीनों का ब्रेनवाश किया। इन सभी के मन में हिंदू धर्म के प्रति घृणा एवं इस्लाम धर्म के प्रति विश्वास पैदा किया। इसी कारण तीनों ने 2015 में दुबई जाकर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया।

    दुबई सरकार ने तीनों को सर्टिफिकेट आफ इंब्रेसिंग दिया था। फिर यह लोग भारत लौटे और छांगुर के साथ रहने लगे। इनके आधार कार्ड समेत अन्य अभिलेखों में पुराने नाम ही दर्ज हैं। छागुंर के कहने पर नीतू उर्फ नसरीन ने गोमतीनगर के विनयखंड की गुंजा गुप्ता का ब्रेन वाश किया। उसने छांगुर से मिलवाया फिर इस्लाम धर्म स्वीकार करते हुए अपना नाम अलीना अंसारी परिवर्तित कर अमित उर्फ अबू अंसारी से निकाह कर लिया गया। अमित उर्फ अबू अंसारी व उसके परिवार के सदस्य राजा उर्फ डा. अबू सड़द अंसारी व गुडिया उर्फ उम्मे रकीबा छांगुर के गैंग के सक्रिय सदस्य है।

    नसरीन के कहने पर अबू ने ही गुंजा को प्रेम जाल में फंसाया

    नसरीन के कहने पर अबू ने ही गुंजा को प्रेम जाल में फंसाया और दरगाह ले जाना शुरु किया। वहीं पर नसरीन समेत अन्य लोग अपना उदाहरण देते हुए हिन्दू धर्म के प्रति घृणा व इस्लाम धर्म में खुशहाल जीवन का प्रलोभन देते थे। उसके बाद गुंजा उर्फ अलीना की तरह औरेया की रहने वाली मानवी शर्मा के पीछे मेराज को लगाया गया। जिसने अपना नाम रुद्र बताया और प्रेम जाल में फंसा लिया।

    पिता की शराब छुड़वाने के बहाने छांगुर से मिलवाया

    साजिश के तहत मानवी शर्मा के पिता की शराब छुड़वाने के बहाने छांगुर से मिलवाया। उससे भी इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए कहा, लेकिन मानवी वहां से भाग निकली। परिवारीजन को पूरी बात बताई कि छांगुर ने मतांतरण के लिए कुछ लोगों का संगठित गिरोह बनाया है। जिसमें अनुसूचित जाति व महिलाओं को प्रसुखता दी गई है। जिनके माध्यम से मतांतरण कराया जाता है। 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन उसमें कुछ हुआ नहीं।

    इस्लाम स्वीकार करने का दिया सर्टिफिकेट

    जांच में सामने आया कि गरीब मजदूर नरेन्द्र, रामनरेश, हरजीत, मालती देवी समेत अन्य लोगों ने इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद शपथ पत्र भी दिखाया। यही नहीं छांगुर अपने गिरोह के साथ धीमें-धीमें पूरे वर्ग को टार्गेट कर रहा है, जिनको घर चलाने में दिक्कतें होती है। उन्हें महीने के हिसाब से रकम दी जाती।

    यह लोग करते हैं टार्गेट

    छांगुर का दाहिना हाथ नीतू उर्फ नसरीन है। उसके साथ महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, एमेन रिजवी (कथित पत्रकार), सगीर समेत अन्य लोग मतांतरण में भूमिका निभाते हैं। यह लोग गरीब मजदूर / मजबूर व्यक्तियों को लालच देकर मतांतरण के लिए टार्गेट करते हैं।

    मतांतरण का पूरा रैकेट 2022 से ऑपरेट

    छांगुर की अगुवाई में वर्ष 2022 से मतांतरण का पूरा रैकेट ऑपरेट हो रहा था। इसके पीछे विदेशी फंडिंग, स्थानीय नेटवर्क और सुनियोजित साजिश थी। हिंदू बेटियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका धर्म बदला जा रहा था। इसके पीछे नकाब सेक्युलरिज़्म का था और नीयत इस्लामीकरण की। छांगुर, उर्फ झींगुर उर्फ जमालुद्दीन ने लव जिहाद और मतांतरण को बड़ा प्लेटफार्म बना लिया है।