लखनऊ, जेएनएन। मुलायम सिंह यादव तथा अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रामपुर से सांसद आजम खां की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां के पासपोर्ट में फर्जी कागज लगाने के आरोप में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब जल निगम भर्ती घोटाले में आजम खां को दोषी पाया गया है। इस घोटाले की जांच करने वाली स्पेशल इंवेस्टीगेटिंग टीम (एसआइटी) ने सीतापुर जेल में बंद आजम खां के पास वारंट भेजा है।

रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी जमीन शामिल कराने के साथ ही वक्फ की संपत्ति में हेरफेर तथा बेटे का फर्जी आयु प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में विधायक पत्नी डॉ. तजीन फात्मा व बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां के साथ सीतापुर जेल में बंद सांसद आजम खां पर एक और मुसीबत बढ़ गई है। आजम खां को उत्तर प्रदेश जल निगम भर्ती घोटाले में दोषी पाया गया है। इस घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने आजम खां के लिए सीतापुर जेल में वारंट भेजा है। सीतापुर जेल प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि की है।

आजम खां प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार में नगर विकास तथा जल संसाधन मंत्री थे। उनके कार्यकाल में जल निगम में सहायक इंजीनियर कि भर्ती में घोटाले को लेकर जांच चल रही थी। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने पूर्व मंत्री आजम खां को दोषी मानते हुए उन्हेंं इस मामले में मुलजिम बनाया है। इसी को लेकर आजम खां को जिला जेल में बी वारंट दाखिल कराया गया है। इस बारे में जेल अधीक्षक डीसी मिश्रा का कहना है कि एसआईटी ने जल निगम भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री आजम खां को मुलजिम बनाकर वारंट बी जेल में दाखिल कराया है।