विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेरा अध्यक्ष ने संभाला पदभार, कहा हफ्तेभर का वक्त दीजिए, आवंटियों को मिलेगी राहत

By Ashish MishraEdited By:
Published: Fri, 10 Aug 2018 09:38 AM (IST)Updated: Fri, 10 Aug 2018 10:30 AM (IST)

ब्योरा न देने वालों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा ताकि रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं में फ्लैट-भवन लेने को बाद में किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।

रेरा अध्यक्ष ने संभाला पदभार, कहा हफ्तेभर का वक्त दीजिए, आवंटियों को मिलेगी राहत
रेरा अध्यक्ष ने संभाला पदभार, कहा हफ्तेभर का वक्त दीजिए, आवंटियों को मिलेगी राहत

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के अध्यक्ष पद को संभालने के बाद राजीव कुमार ने कहा कि प्राधिकरण आवंटियों को राहत देने के लिए तेजी से काम करेगा, बस उन्हें एक सप्ताह की मोहलत चाहिए। रेरा के अफसरों व सदस्यों के साथ सप्ताहभर में सब कुछ समझने और व्यवस्था बनाने के बाद प्राधिकरण प्रभावी ढंग से काम करने लगेगा।

शाम को राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद राजीव कुमार और तीनों सदस्य बलविन्दर कुमार, कल्पना मिश्रा और भानु प्रताप सिंह लखनऊ विकास प्राधिकरण के लालबाग स्थित पुराने भवन में पहुंचे जहां अब रेरा का दफ्तर है। कार्यभार संभालने के बाद अध्यक्ष और सदस्यों को रेरा के सचिव अबरार अहमद ने रेरा के कामकाज के बारे में विस्तार से बताया। राजीव कुमार बाद में मुख्यमंत्री से भी मिले।

देर शाम राजीव कुमार ने बताया कि अभी तो अध्यक्ष व सदस्यों के बैठने के लिए उचित कार्यालय भवन देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में कार्यालय और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित कर कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। एक सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और आवंटियों के हितों का पूरा ख्याल रखने के मकसद से गठित रेरा से निश्चित तौर पर आवंटियों को पूरी राहत मिलेगी। बिल्डरों के खिलाफ दर्ज 5340 शिकायतों के निस्तारण के संबंध में अध्यक्ष ने कहा कि वह जल्द ही ऐसी व्यवस्था करेंगे कि शिकायतों का निस्तारण तेजी से हो।

अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी बिल्डर या विकासकर्ता की परियोजनाओं का नियमानुसार पूरा ब्योरा होने पर ही रेरा में पंजीकरण होगा। पहले जो पंजीकरण हो चुके हैैं उनसे भी रेरा के कानून के तहत पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। ब्योरा न देने वालों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा ताकि रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं में फ्लैट-भवन लेने को बाद में किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।

लखनऊ से लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रह चुके रेरा के सदस्य बलविन्दर कुमार ने बताया कि सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बिल्डर, आवंटियों को किसी तरह से परेशान न कर पाए। कुमार ने बताया कि कुल 2449 परियोजनाएं रेरा में पंजीकृत हैैं। इनमें से 437 नई, जबकि 2012 पहले से चल रही हैं।