राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले भाजपा कार्यकर्ता को दें सुरक्षा: हाई कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को सुरक्षा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया मामले को विचारणीय माना क्योंकि याची ने एक शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दायर किया है और उसे धमकियां मिल रही हैं। कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय आइबी और अन्य से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी।

विधि संवाददाता, जागरण, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया यह मामला विचारणीय है, क्योंकि याची ने एक शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दायर किया है और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।
इसके साथ ही, उसे रायबरेली पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का भी आदेश दिया गया है। इसी के साथ कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, आइबी और अन्य से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी। यह आदेश जस्टिस संगीता चंद्रा व जस्टिस बृजराज सिंह की पीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर पारित किया।
याची की ओर से कहा गया था कि उसने राहुल गांधी के विरुद्ध जून 2024 में सीबीआइ के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी विवेचना एंटी करप्शन को स्थानांतरित कर दी गई। याची ने दावा किया कि इसी वर्ष मई में यूनाइटेड किंगडम से उसे राहुल गांधी के ब्रिटिश पासपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई गई है।
इसके पश्चात 26 जुलाई 2025 को उसने राहुल गांधी के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने संबंधी प्रार्थना पत्र एसपी रायबरेली को भेजा है, जिसके तहत 19 अगस्त 2025 को रायबरेली पुलिस ने उसे नोटिस जारी करते हुए जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने को कहा है।
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याची ने कोर्ट में यह भी दलील दी कि उसने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता सिद्ध करने वाले दस्तावेज भी जांच एजेंसी को दिए। केंद्र सरकार की ओर से पेश डिप्टी सालिसिटर जनरल एसबी पांडे ने मामले में जवाब देने के लिए समय दिए जाने की मांग की और यह भी कहा कि याची को धमकियां मिलने का तथ्य स्पष्ट है, लिहाजा अपने मुकदमों में पैरवी के लिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए।
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