लखनऊ, राज्य ब्यूरो। राजस्व निरीक्षकों के नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन की अड़चनें दूर हो गई हैं। शासन ने राजस्व निरीक्षकों की नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है। राजस्व विभाग की ओर से इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया गया है। राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति से लेखपालों की प्रोन्नति का रास्ता भी खुलेगा। राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों की पदोन्नति तीन साल से अधिक समय से नहीं हो पायी है। चयन वर्ष 2014-15 में छूटे 257 लेखपालों को चयन वर्ष 2015-16 में पदोन्नति दे दी गई थी। इनकी पदोन्नति में शासन को कुछ विसंगति मिली थी।

राजस्व परिषद ने इस विसंगति को दूर करने के लिए राजस्व निरीक्षक के अधिसंख्य पद सृजित करने का प्रस्ताव दिया था। शासन का कहना है कि प्रोन्नत किये गए 257 लेखपाल रिटायर हो चुके हैं, इसलिए राजस्व निरीक्षक के अधिसंख्य पद सृजित करने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं नायब तहसीलदार के पदोन्नति कोटे के 595 पद रिक्त हैं।

शासनादेश में कहा गया है कि जो लेखपाल जिस चयन वर्ष में राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए हैं, उनकी ज्येष्ठता उसी चयन वर्ष में निर्धारित करते हुए राजस्व निरीक्षकों की अनंतिम सूची फिर से जारी कर उस पर आपत्तियां प्राप्त कर अंतिम ज्येष्ठता सूची जारी की जाए। इसके बाद राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार के पद पर प्रोन्नति की कार्यवाही की जाए। इससे संबंधित लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। 

Edited By: Vikas Mishra