UP News: पावर कारपोरेशन के नए सुरक्षा उपाय, लापरवाही से विद्युत हादसे पर अधिशासी अभियंता तक होंगे जिम्मेदार
पावर कारपोरेशन ने विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा उपकरणों के बिना काम करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। संविदा कर्मियों को सुरक्षा उपकरणों के साथ ही काम करने की अनुमति होगी। सभी डिस्काम को 11 प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। पिछले वर्ष विद्युत दुर्घटनाओं में 1123 लोगों की जान गई थी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विद्युत हादसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने स्पष्ट दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। लापरवाही के चलते सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग नहीं करने अथवा प्रशिक्षण के अभाव में यदि कोई विद्युत दुर्घटना होगी तो संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता जिम्मेदार माने जाएंगे।
इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संविदा कर्मी मुहैया कराने वाली एजेंसियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे संविदा कार्मिकों को सुरक्षा उपकरणों के साथ ही विद्युत लाइन व प्रणाली पर कार्य कराना सुनिश्चित करें।
विद्युत दुर्घटनाओं से जान-माल के हो रहे नुकसान को रोकने के लिए पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गुरुवार को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए। दिशा निर्देश विद्युत वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक से लेकर अधिशासी अभियंताओं तक को भेजे गए हैं।
अध्यक्ष ने कहा है कि 33/11 केवी उपकेंद्रों के अनुरक्षण व परिचालन में कार्य करने के दौरान नियमित अथवा आउटसोर्स कार्मिकों से उनके सुरक्षा उपकरण पहनने के बाद ही काम लिया जाए। बिना सुरक्षा उपकरण पहने किसी को भी कार्य न करने दिया जाए। इसके लिए सभी डिस्काम द्वारा वितरण क्षेत्र, मंडल व खंड स्तर पर शेड्यूल बनाकर कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाए।
अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गैंग कार्य पर जाने से पहले लिखित रूप से इसकी सूचना उपकेंद्र पर रजिस्टर में देंगे। गैंग से काम लेने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि गैंग के पास सुरक्षा से जुड़े सभी उपकरण हैं।
अकुशल श्रमिकों से लाइन के अनुरक्षण का काम न लिया जाए। नियमानुसार शटडाउन लेकर ही कार्य किया जाए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता का यह दायित्व होगा कि कारपोरेशन द्वारा सुरक्षा उपकरणों के वितरण के संबंध में जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं जिससे विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके। गौरतलब है कि पिछले वर्ष विद्युत दुर्घटनाओं से 1123 मौतें हुई थीं।
सभी डिस्काम को 11 सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें विद्युत सुरक्षा हेलमेट (एचवी सेंसर व टार्च के साथ), विद्युत सुरक्षा दस्ताने (33 केवी एवं 11 केवी), इलेक्ट्रिकल सेफ्टी शूज, अर्थ मैट, सेफ्टी बेल्ट व हार्नेस, अर्थ डिस्चार्ज राड (33 केवी व 11 केवी), ब्रास अर्थ चेन (30 फीट), एलवी टेस्टर (नीयोन), टूल किट तथा रेडियम जैकेट शामिल हैं।
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