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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब डाकिए लेंगे टीबी सैंपल के कलेक्शन, योजना चार ज‍िलों में शुरू Lucknow News

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Tue, 16 Jul 2019 08:46 AM (IST)Updated: Tue, 16 Jul 2019 07:10 PM (IST)

टीबी स्पुटम सैंपल कलेक्शन की सेवा लखनऊ सहित चार जिलों में शुरू। जीपीओ में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक कदम पर विशेष आवरण जारी।

अब डाकिए लेंगे टीबी सैंपल के कलेक्शन, योजना चार ज‍िलों में शुरू Lucknow News
अब डाकिए लेंगे टीबी सैंपल के कलेक्शन, योजना चार ज‍िलों में शुरू Lucknow News

लखनऊ, जेएनएन। अब डाक विभाग और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर टीबी रोग को दूर भगाएंगे। डाकिया के माध्यम से टीबी स्पुटम के नमूने तेजी से स्वास्थ्य विभाग के लैब तक पहुंचेंगे। सोमवार को प्रदेश के चार जिलों लखनऊ, आगरा, बदायूं और चंदौली में इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो गई है। इस पल को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग ने टीबी उन्मूलन की दिशा में एक कदम शीर्षक से एक विशेष आवरण भी जारी किया। 

प्रोजेक्ट की शुरुआत करते हुए निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भारतीय डाक विभाग और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक पहल की है। जिसके अंतर्गत टीबी स्पुटम के नमूनों को डाकिए एकत्र करके लैब तक पहुंचाएंगे। दूरदराज के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से नमूनों को प्रयोगशाला तक 24 से 48 घंटे के भीतर डाकिए पहुंचाएंगे।  लखनऊ में 53 जगहों से डाकिए इन नमूनों को एकत्र करेंगे। प्रवर डाक अधीक्षक शशि कुमार उत्तम ने बताया कि पहले दिन कुल 40 सैंपल एकत्र करके प्रयोगशाला के लिए भेजे गए।

स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2021 तक लखनऊ को टीबी मुक्त बनाना है और इसमें डाक विभाग की अहम भागीदारी रहेगी। अभी राष्ट्रीय स्तर पर 100 में से 20 टीबी मरीज उत्तर प्रदेश के होते हैं। ऐसे में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। इस मौके पर चीफ पोस्ट मास्टर आरएन यादव, जिला क्षय अधिकारी डॉ. बीपी सिंह और सहायक निदेशक ओम प्रकाश चौहान भी उपस्थित रहे।