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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP में पुलिस परीक्षा पेपर लीक का आरोपित गिरफ्तार, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से संबंधित नौ एडमिट कार्ड बरामद

By Jagran News Edited By: Abhinav Atrey
Published: Sat, 02 Mar 2024 06:15 AM (IST)

UP Police Recruitment 2024 उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हाल ही में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में पुलिस परीक्षा पेपर लीक का आरोपित गिरफ्तार। (फोटो, जागरण)
उत्तर प्रदेश में पुलिस परीक्षा पेपर लीक का आरोपित गिरफ्तार। (फोटो, जागरण)

HighLights

  1. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से संबंधित नौ प्रवेश पत्र बरामद
  2. मिंटू बलियान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने लगा
  3. मिंटू पेपर लीक करने वाले गिरोह का सदस्य

पीटीआई, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हाल ही में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में शामिल एक आरोपित को शुक्रवार को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया। एसटीएफ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के कुटबा गांव निवासी प्रवीण उर्फ मिंटू बलियान को शुक्रवार को शाहपुर बस स्टाप से गिरफ्तार किया गया।

मिंटू गत 17 और 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक में शामिल गिरोह का सदस्य है। यह गिरोह कर्मचारी चयन आयोग, दिल्ली द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए कांस्टेबल भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में धोखाधड़ी में भी शामिल है।

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से संबंधित नौ प्रवेश पत्र बरामद

एसटीएफ के मुताबिक, मिंटू के पास से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 2024 कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से संबंधित नौ प्रवेश पत्र, यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा से संबंधित एक हस्तलिखित प्रश्न पत्र, एक मोबाइल फोन और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए।

बलियान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने लगा

पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि जब वह 2008-09 में शाहपुर कस्बे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, तो गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन का एक व्यक्ति वहां आता था, जो पैसे लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कराने का गिरोह चलाता था। उसके संपर्क में आकर बलियान भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने लगा।

साल 2012 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बागपत जिले का रहने वाला उसका रिश्तेदार भी गिरोह में शामिल हो गया।

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