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    UP News: सभी सरकारी अस्पतालों से मरीजों को डिजिटल ही मिलेंगी जांच रिपोर्ट, व्‍यवस्‍था से जुड़ेंगे CHC-PHC स्तर तक के लैब

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Fri, 11 Jul 2025 02:26 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश में अब मरीजों को अस्पतालों से जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से एसएमएस या व्हाट्सऐप पर 24 घंटे के अंदर मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग सभी अस्पतालों में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आधारित पंजीकरण की व्यवस्था कर रहा है जिससे मरीजों की जांच रिपोर्ट उनकी आभा आईडी में सुरक्षित रहेंगी और उन्हें बार-बार पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

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    सभी सरकारी अस्पतालों से मरीजों को डिजिटल ही मिलेंगी जांच रिपोर्टें।- सांकेत‍िक तस्‍वीर

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जिला चिकित्सालयों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम एसएमएस अथवा व्हाट्सऐप के माध्यम से मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए सभी अस्पतालों में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट) आधारित पंजीकरण की व्यवस्था कर रहा है। पंजीकरण के बाद मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यमों से 24 घंटे के अंदर मिलेंगी। आभा आईडी से पंजीकरण होने पर सभी जांच रिपोर्ट मरीज की आभा आईडी में सुरक्षित हो जाएंगी।

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    स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी के मुताबिक आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत देश के सभी नागरिकों की आभा आईडी बनाई जानी है। यूपी में अब तक 13.5 करोड़ लोगों की आभा आईडी बना दी गई है। सात करोड़ लोगों के हेल्थ रिकार्ड भी डिजिटल हो गए हैं। एक बार आभा पंजीकरण हो जाने पर मरीज को बार-बार पंजीकरण नहीं कराना होगा। मरीज कभी भी किसी अस्पताल में दिखाने जाएगा तो आभा आईडी पर उसके पुराने रिकार्ड मिलेंगे।

    उन्होंने बताया है कि अस्पतालों की प्रयोगशालाओं के साफ्टवेयर को आभा आईडी के साफ्टवेयर से लिंक किया जा रहा है। आभा आईडी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था प्रदेश के सभी अस्पतालों में चरणबद्ध की जाएंगी। आभा से पंजीकरण की व्यवस्था प्रदेश के करीब 100 अस्पतालों में है। करीब 500 अस्पतालों में डिजिटल माध्यमों से जांच रिपोर्ट देने की व्यवस्था कर दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इसके लिए सभी सीएमओ, सीएमएस, निदेशक तथा अन्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सहयोग से हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम की स्थापना की जा रही है। सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए लैब मेनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम को हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। जिससे मरीजों की आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट) आधारित इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड बनाया जाएगा। मरीजों की आभा आधारित पंजीकरण हो जाने से उसकी जांच रिपोर्टें इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड के रूप में सुरक्षित हो जाएंगी।

    पंजीकरण के समय प्रत्येक मरीज का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखा जाएगा। इसी नंबर पर जांच रिपोर्टों को एसएमएस व व्हाट्सऐप पर 24 घंटे के अंदर भेजा जाएगा। इसके लिए सभी अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्शन, जरूरी मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।