लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में समय से इलाज न मिलने पर हुई मरीज की मौत के बाद सेामवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। शव लेकर आलमबाग स्थित नहरिया चौराहे पर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने डॉक्टर पर आरोप गया है कि उन्होंने अपने अहम के चलते मरीज को नहीं देखा। जिसकी वजह से ही उसकी मौत हो गई। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेकर केजीएमयू प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। उधर,  कुलपति ने जांच के लिए कमेटी गठित कर आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

ये है पूरा मामला
दरअसल, कानपुर रोड पर स्थित हरिओम नगर में रहने वाले 20 वर्षीय अश्वनी का शनिवार की रात स्कूटर इंडिया चौराहे के पास एक्सीडेंट हो गया था। उसके सिर, हाथ व पैर पर गंभीर चोटे आईं थी। आनन-फानन में उसे ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां पर अश्वनी के साथ उसके दूसरे दोस्त भी थे। आरोप है कि यह दोस्त डॉक्टरों के पास पहुंचे और अश्वनी का इलाज शुरू करने के लिए गिड़गिड़ाने लगे। जब डॉक्टर बहुत देर तक नहीं आए तो उसमें से एक युवक डॉक्टर से तेज आवाज में भिड़ गया। इसपर डॉक्टरों ने इलाज करने से ही इनकार कर दिया। अश्वनी के परिवारीजन डॉक्टरों के सामने हाथ-पैर जोड़ते रहे लेकिन वह नहीं पसीजे। वह युवक को बुलाकर डॉक्टरों से माफी मांगने की बात भी कह रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और उसकी मौत हो गई। 

क्या कहते हैं जिम्मेदार ?
वहीं, केजीएमयू के मीडिया इंचार्ज प्रो. संतोष कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। अगर कहीं कोई गड़बड़ी है तो कार्रवाई होगी। 

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