लखनऊ, जेएनएन। भारत माता की जय के नारे लगाकर रविवार को शिया-सूफी मुसलमानों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की। हजारों लोगों ने दो मिनट मौन रखकर पिछले दिनों पुलवामा के आतंकी हमले में मारे गए 40 शहीदों को खिराज-ए-अकीदतपेश की। साथ ही दोनों समुदाय ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के साथ यूएनओ पर दबाव बनाकर उसको आतंकी राष्ट्र घोषित करने की केंद्र सरकार से मांग की। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर शिया-सुन्नी उलमा ने देशभर की मस्जिदों से आतंकवाद की मजम्मत करने का एलान किया।

राष्ट्रीय शिया सूफी संघ की ओर से रविवार को हुसैनाबाद के ऐतिहासिक घंटाघर पार्क में आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता अधिवेशन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से शिया-सूफी उलमा शामिल हुए। कुरआन शरीफ की तिलावत के बाद कमर वारसी ने मनकुनतो मौला नात शरीफ से अधिवेशन का आगाज किया। अधिवेशन की अध्यक्षता कर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि पूरी दुनिया आतंकवाद का शिकार है। मुसलमान ही मुसलमान को इस्लाम के नाम पर कत्ल कर रहा है। जबकि, इस्लाम में किसी बेकसूर की जान लेने की इजाजत नहीं है। हम एकजुट होकर पुलवामा के आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते है, पाकिस्तान ने आतंकवादियों को पनाह दे रखी है। पाकिस्तान के साथ उन लोगों की भी निंदा होनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, अरब देशों का अधिक पैसा आतंकवाद को फंडिंग करने में खर्च हो रहा है।

मौलाना आजाद विवि. के कुलपति प्रो. अख्तरुल वासे ने कहा कि पुलवामा हमले में मारे गए शहीदों के कातिलों को बेनकाब कर उनको सजा दिलाना हमारा फर्ज होने के साथ हमपर कर्ज भी है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दिए बयान में 20 जवानों के शहीद होने पर गम का इजहार न करने की कड़ी निंदा की। कहा कि ङ्क्षहदुस्तान हमारा मुल्क बाई बर्थ ही नहीं बाई च्वाइस है। पाकिस्तान आतंकी हमले करवा कर ङ्क्षहदुस्तान की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाना चाहता है, लेकिन ऐसे समय में ङ्क्षहदू-मुस्लिम की एकता ने उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया है। अजमेर दरगाह शरीफ कमेटी के चेयरमैन सरवर चिश्ती ने कहा कि दुनिया में आतंकवादियों के करीब 26 ग्रुप है, जो सौ फीसद वहाबी विचारधारा के है। आतंकवादियों को चिंहित कर उनको खत्म करने का समय आ गया है।

इमाम काउंसिल के अध्यक्ष उमैर इल्यासी ने कहा कि आज पूरे देश में मातम का माहौल है। इस्लाम के नाम पर आतंकवाद फैलाकर आतंकी न केवल मजहब को, बल्कि मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं। इसलिए देश की हर मस्जिदों से आतंकवादियों के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। स्वामी सारंग ने कहा कि देश का हर नागरिक ङ्क्षहदुस्तानी है। हम गांधी जी को भी मानते हैं और चंद्रशेखर आजाद को भी। इसलिए पाकिस्तान को अब उसकी ही जबान में सबक सिखाना होगा। इस मौके पर मौलाना हुसैन मेंहदी हुसैनी, मौलाना मोहसिन तकवी, शाह सैयद जिया अलवी, हसनैन बकाई, सैयद कामरान चिश्ती, सैयद फराज अहमद व सैयद गुलाम बिकरिया सहित देश की कई खानखानों के सज्जादानशीन व उलमा शामिल रहे। 

पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश 

राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे उप्र के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को संघ के पदाधिकारियों ने मांगों का ज्ञापन सौंपा। उपमुख्यमंत्री ने ज्ञापन को सरकार तक पहुंचाने के साथ उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए गंभीरता से प्रयास करने का भरोसा जताया। दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत अशफाक उल्लाह खां का देश है, जो देश के टुकड़े-टुकड़े होंगे का नारा लगाते हैं उन्हें देखना चाहिए लखनऊ क्या है। आज फिर एक बार लखनऊ ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर आतंक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, जिस तरह आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला कर भारतीय सैनिकों को शहीद किया उससे पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है। हमें खुशी है कि आज हर भारतीय एक स्वर में देश के साथ खड़ा है। दुश्मन ताकतें देशवासियों को बांटने की कोशिश कर रही हैं, हम अपनी एकजुटता से उनको नाकामयाब कर सकते हैं। 

Posted By: Anurag Gupta

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