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Online Fraud: मथुरा में गोवर्धन पर्वत के पत्थर ऑनलाइन बेचने के मामले में गंभीर धारा में केस दर्ज

Online Fraud इंडिया मार्ट ने मथुरा के गोवर्धन पर्वत की शिला को ऑनलाइन बेचने का ऑफर देने के साथ ही शिला की कीमत भी तय कर दी है। श्री मद्भागवत कथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रतिबंध और जुर्माना लगाने की मांग की है।

By Dharmendra PandeyEdited By: Published: Mon, 08 Feb 2021 11:01 AM (IST)Updated: Mon, 08 Feb 2021 04:54 PM (IST)
पर्वत का धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है

लखनऊ, जेएनएन। वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री कार्यालय को ओएलएक्स पर बेचने की साजिश के बाद एक और ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी का दुस्साहस सामने आया है। अब इंडिया मार्ट ने मथुरा के गोवर्धन पर्वत की शिला को ऑनलाइन बेचने का ऑफर देने के साथ ही शिला की कीमत भी तय कर दी है। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में गोवर्धन पर्वत की शिला को ऑनलाइन बेचे जाने को लेकर विरोध थम नहीं रहा। श्री मद्भागवत कथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ऑनलाइन शिला बेच रही कंपनी एम इंडिया पर प्रतिबंध और जुर्माना लगाने की मांग की है।

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गोवर्धन की शिला को ई-कॉमर्स कंपनी के ऑनलाइन विधि से बेचे जाने में मामले में रविवार को गोवर्धन में इंडिया मार्ट के फाउंडर-सीईओ, को-फाउंडर तथा मथुरा में कंपनी की एजेंसी लेने वाले के खिलाफ गंभीर धारा में केस दर्ज किया गया है। यहां पर तमाम संत व साधुओं के साथ ही हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों के भारी विरोध के बीच पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपितों की तलाश तेज कर दी है। इसकी जानकारी पर बवाल मचने के बाद तीन लोगों के खिलाफ केस किया है। 

मथुरा में गोवर्धन पर्वत के पत्थरों को ऑनलाइन बेचने वाली कंपनी इंडिया मार्ट के फाउंडर और सीईओ दिनेश अग्रवाल, को-फाउंडर ब्रजेश अग्रवाल और मथुरा में सप्लायर अंकुर अग्रवाल के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। मथुरा के गोवर्धन पर्वत का संबंध भगवान कृष्ण से है। इस पर्वत का धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है। इस पर्वत को हिंदू धर्म के अनुयायी देवता मानते हैं।

एसपी ग्रामीण मथुरा शिरीष चंद्र ने कि कंपनी के सीईओ के साथ ही सप्लायर के खिलाफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कर लोगों की भावना भड़काने के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में इंडिया मार्ट के फाउंडर और सीईओ दिनेश अग्रवाल, को-फाउंडर ब्रजेश अग्रवाल और मथुरा के सप्लायर अंकुर अग्रवाल के खिलाफ गंभीर धारा में केस दर्ज किया गया है।

वेबसाइट पर एक पत्थर की कीमत 5,175

मथुरा के एक सामाजिक कार्यकर्ता केशव मुखिया की शिकायत पर इंडिया मार्ट के खिलाफ गोवर्धन पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में इसी पुलिस स्टेशन में दस और शिकायतें दर्ज थीं, जिन्हेंं एक साथ जोड़ कर जांच की जा रही है।

वेबसाइट पर दावा किया जा रहा है कि यह पत्थर प्राकृतिक हैं। वेबसाइट पर एक पत्थर की कीमत 5,175 बताई गई है। वेबसाइट पर चेन्नई की एक फर्म का भी पता और बेचने वाली फर्म ओर दुकान का भी पता डाला गया है।

सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

कंपनी के प्रयासों के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने गोवर्धन पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया था। मथुरा में गोवर्धन पर्वत को हिंदुओं का पवित्र स्थान माना जाता है। यह भगवान कृष्ण के जीवन से संबंधित कई किंवदंतियों के लिए स्थापित है। जिन्हेंं माना जाता है कि यह पहाड़ी की धरती में सनिहित है। मथुरा के संत सिया राम बाबा ने कंपनी के कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि गोवर्धन खुद कृष्ण हैं। गोवर्धन को शामिल करने वाले किसी भी व्यक्ति का व्यापार में प्रवेश करना देवता के क्रोध को आमंत्रित करना होगा।

इस बीच, उत्तर प्रदेश ब्राह्मण महासभा ने कंपनी और आपूॢतकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए सोमवार को मथुरा डीएम से मिलने का फैसला किया है। इसके साथ ब्रज के संतों ने गिरिराज शिला प्रकरण में कल सुबह होने वाले प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है। कंपनी की करतूत का पता चलते ही मंदिर सेवायत और ब्रजवासी संगठनों ने विरोध जताया।

गोवर्धन पर्वत की बड़ी धार्मिक महत्ता

दीनबंधु दास महाराज ने कहा बताया गिरिराज जी महाराज हम सभी साधु संतों और ब्रजवासियों के इष्ट है। धाॢमक ग्रन्थों में लिखा हुआ है कि गिरिराज जी की शिला को गिरिराज तलहटी से बाहर ले जाना निषिद्ध है। उन्होंने बताया कि एक बार नेपाल के राजा गिरिराज जी की एक छोटी सी शिला को लेकर अपने साथ गए थे। फिर उनको खुद ही यहां लाकर छोडऩा पड़ा। निर्मोही अखाड़े के प्रवक्ता सीताराम बाबा ने शासन- प्रशासन से वेवसाइड पर बेन लगाने और ऐसे लोगो की गिरफ्तार करने की मांग की। गोवर्धन गिरिराज पर्वत को बचाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में गिरिराज सरंक्षण मामले में याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास महाराज ने पीड़ा जाहिर करते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार को चेतावनी दी है। इस मामले में लीगल कार्यवाही करने के साथ ही साथ इंडिया मार्ट वेबसाइड को बैन करने की मांग की है। 


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