लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ में बीच चौराहे कैब चालक पर थप्पड़ बरसाकर दुनियां में चर्चा में आयी थप्पड़ गर्ल प्रियदर्शनी की रक्षाबंधन में रिश्तों में मिठास घोलने की चाह थी। उसने कैब चालक सआदत अली के लिए भाई-बहन की सबसे मजबूत डोर राखी और मिठाई खरीदकर अपने घर पर रख रखी थी। वह सआदत अली को राखी बांधना चाहती थी। उसने रक्षाबंधन पर सआदत अली का इंतजार भी अपने घर पर किया, पर सआदत अली नहीं पहुंचा। वहीं, सआदत अली के अधिवक्ता ने बताया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है।

30 जुलाई की रात बीच चौराहे पर कैब चालक को मारे थे 21 थप्पड़: प्रियदर्शनी ने बीती 30 जुलाई की रात बाराबिरवा चौराहे पर कैब चालक सआदत अली को ताबड़तोड़ 21 थप्पड़ मारे थे। बिना किसी गलती के भरे चौराहे पर वह कैब ड्राइवर को धक्का देती तो कभी कालर पकड़कर खींचती। घटना से पूरे चौराहे पर जाम लग गया था। ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी मौजूद थे, पर किसी की हिम्मत न हुई कि वह कैब चालक को युवती के चंगुल से छुड़ा सकता। मौके पर मौजूद कई लोगों ने उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हुआ। दुनियां भर के लोगों ने उस पर खूब कमेंट किए थे। पूरी दुनियां में थप्पड़ गर्ल की चर्चा हो गई थी। कैब चालक के खिलाफ पुलिस ने कार्यवाही भी की थी। बाद में जब जांच में पता चला कि कैब चालक निर्दोष है तो युवती के खिलाफ लूट, मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिस कर्मियों पर गिरी थी गाज: थप्‍पड़ गर्ल के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर महेश दुबे समेत तीन पुलिस कर्मियों की जांच में भूमिका संदिग्ध मिली थी। इस पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे।

Edited By: Rafiya Naz