यूपी के सरकारी स्कूलों में नया नियम लागू, मिड डे मील में मिलेगा रामदाने व बाजरे का लड्डू
UP News - उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के 1.48 करोड़ विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में अतिरिक्त पूरक पोषाहार मिलेगा। हर गुरुवार को उन्हें रामदाने व बाजरे का लड्डू मूंगफली की चिक्की गुड़-तिल व मूंगफली की गजक और भुना चना दिया जाएगा। इसके लिए 95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें केंद्र सरकार 57 करोड़ और राज्य सरकार 38 करोड़ रुपये देगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अब परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अगले महीने से हर गुरुवार को रामदाने व बाजरे का लड्डू भी मिड डे मील में खाने को मिलेगा।
अभी तय साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, इस दिन विद्यार्थियों को दाल व रोटी परोसी जाती है। अब अतिरिक्त पूरक पोषाहार की व्यवस्था के तहत 1.57 लाख स्कूलों के 1.48 करोड़ विद्यार्थियों को यह पोषक आहार खाने को मिलेगा। इसमें मूंगफली की चिक्की, गुड़-तिल व मूंगफली की गजक और भुना चना भी शामिल है।
पौष्टिक आहार के लिए 95 करोड़ रुपये खर्च
सोमवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की प्रबंधकारिणी समिति की 30 वीं बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। वर्तमान शैक्षिक सत्र में अगले महीने से लेकर मार्च वर्ष 2025 तक कुल 19 गुरुवार पड़ेंगे और इस में यह पौष्टिक आहार देने के लिए कुल 95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
57 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 38 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। प्रति छात्र पांच रुपये की दर के हिसाब से इस पौष्टिक आहार का वितरण किया जाएगा। अगर रामदाने व बाजरे का लड्डू, मूंगफली की चिक्की और गुड-तिल व मूंगफली की गजक छात्रों को दी जाएगी तो यह न्यूनतम 20 ग्राम की मात्रा में होगी। वहीं, अगर इसकी जगह भुना चना दिया जाता है तो वह 50 ग्राम की मात्रा में छात्रों को दिया जाएगा।
पूरक पोषाहार मिलने से छात्र और स्वस्थ होंगे
अभी मिड डे मील के साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, सोमवार को विद्यार्थियों को भोजन के साथ मौसमी फल और बुधवार को दूध दिया जाता है। अब हर गुरुवार को उन्हें यह अतिरिक्त पूरक पोषाहार मिलने से छात्र और स्वस्थ होंगे।
लोक भवन स्थित मुख्य सचिव के कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दुबई के निवेशक ने यूपी में निवेश की जताई इच्छा
- रिजार्ट, लॉजिस्टिक्स, सब्जियों के निर्यात और मातृभूमि योजना में दिखाई रुचि
- दुबई के इंडिया क्लब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री रवींद्र जायसवाल
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दुबई के इंडिया क्लब में इन्वेस्ट यूपी और यूपी डायस्पोरा की ओर से आयोजित इन्वेस्टर समिट निवेशकों को आकर्षित करने का माध्यम बनीं। उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियों से प्रभावित दुबई के प्रवासी निवेशकों ने लॉजिस्टिक्स, सब्जियों के निर्यात के साथ ही मातृभूमि योजना में रुचि दिखाई। समिट में निवेशकों से संवाद दौरान स्टांप एवं पंजीयन मंत्री राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल 25 से अधिक सेक्टोरल नीतियों की जानकारी दी।
समिट में इरफान इजहार ने अलीगढ़ में रिजार्ट तो युसूफ खान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स में निवेश की इच्छा जाहिर की। वहीं, राजेश अग्रवाल ने पुरखों के नाम अपनी पुश्तैनी जमीन अस्पताल के लिए दान करने की इच्छा जाहिर की।
इसके साथ ही, दुबई के मदीना ग्रुप ने यूपी से फल सब्जियों के लिए सेंटर खोलने का प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम में यूएई के पूर्व मंत्री मोहम्मद सईद किंदी ने भी उपस्थिति दर्जा कराई।
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