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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Flood in Gonda: घाघरा नदी में छोड़ा गया 4.59 लाख क्यूसेक पानी, डेढ़ लाख आबादी पर बाढ़ का संकट

By Vikas MishraEdited By:
Published: Sun, 18 Sep 2022 12:55 PM (IST)

Flood in Gonda घाघरा नदी में 4.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसकी वजह से करीब डेढ़ लाख से ज्यादा ...और पढ़ें

Flood in Gonda: घाघरा व सरयू, दोनों नदियों खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गई हैं।
Flood in Gonda: घाघरा व सरयू, दोनों नदियों खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गई हैं।

गोंडा, जागरण संवाददाता। बारिश के बीच घाघरा नदी में 4.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। घाघरा व सरयू, दोनों नदियों खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में नदियों के किनारे बसे कर्नलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र के डेढ़ लाख आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़कों पर जलभराव होने से कई गांवों का मुख्यमार्ग से संपर्क टूट गया है।

रविवार को सुबह बारिश से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन, नदियों का जलस्तर बढ़ने से बेचैनियां बढ़ गई हैं। तरबगंज व कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी फिर बढ़ने लगा है। नवाबगंज के साकीपुर, दत्तनगर, माझाराठ, तुलसीपुरमाझा, ब्योंदामाझा, बहादुरपुर गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भर गया है। एक हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गन्ना व धान की फसलें डूबने से किसानों की बेचैनियां बढ़ गई हैं। गृहस्थी का सामान लेकर लोग सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।

पूर्व प्रधान छोटेलाल यादव ने कहा कि अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। लोगों के घरों में पानी भर रहा है। ब्योंदामाझा के प्रधान केशवराम यादव ने कहा कि गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। नाव से आवागमन लोग कर रहे हैं। पशुओं के चारे का संकट है। बेलसर के एैली परसौली में केवटाही मजरा बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। नदी का पानी सकरौर-भिखारीपुर तटबंध से टकरा रहा है। सिचाई विभाग के अधिकारी तटबंध की मरम्मत करा रहे हैं। 

बाढ़ चौकियां अलर्ट, एसडीएम से मांगी गई रिपोर्टः अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि कर्नलगंज व तरबगंज तहसील की सभी 24 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी गई है। अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों के पलायन की सूचना नहीं मिली है। एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। 

अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्यखंड बीएन शुक्ल ने कहा कि घाघरा व सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तटबंध की निगरानी कराई जा रही है। बाढ़ कार्यखंड के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। नदी अब लाल निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। वहीं, अयोध्या में सरयू नदी भी लाल निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। घाघरा नदी में 4.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।