लखनऊ, राज्य ब्यूरो । पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि अधिकारियों व कर्मचारियों की फाइलें व्यवस्थित रूप से रखी जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद किसी को अपने देयकों व अभिलेखों को पाने में असुविधा न हो। अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यों व दायित्वों के प्रति गंभीर रहे, जिससे शासकीय सेवा के दौरान उनके कार्यों पर प्रश्नचिह्न न उठे। उन्होंने कहा कि किसी भी पटल पर कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए।

फाइल निस्तारण में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। पशुधन मंत्री ने डालीगंज स्थित पशुपालन निदेशालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निदेशालय के हर कक्ष में जाकर अधिकारियों से प्रभागों के क्रियाकलापों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों/कर्मचारियों को समय से कार्यालय में उपस्थित होकर निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

कार्यालयों में साफ-सफाई और परिसर में हरियाली के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण किये जाने और कार्यालय के कार्यों को कंप्यूटरीकृत किए जाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी अवकाश पर जाता है तो उसका अंकन उपस्थिति पंजिका पर अनिवार्य रूप से किया जाए। समय की बर्बादी किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। 

मंत्री ने कहा कि 100 दिनों के कार्यक्रमों के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने की कार्यवाही तेजी से की जाए। पशुधन विभाग का प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है और पशुधन विभाग को किसानों व पशुपालकों के आर्थिक उत्थान के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने हैं। निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन व विकास डा. इंद्रमणि, निदेशक रोग व नियंत्रण प्रक्षेत्र डा. जीवनदत्त, अपर निदेशक डा. अरव‍िंद सिंह, एमके भट्ट आदि मौजूद रहे।

Edited By: Prabhapunj Mishra