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    यूपी में 35 मेडिकल कॉलेजों की जांच के लिए टीम गठित, नियुक्त हुए दो-दो वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षक, एक माह में देनी होगी रिपोर्ट

    Updated: Thu, 10 Jul 2025 10:46 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश पर 35 राजकीय मेडिकल कॉलेजों की जाँच के लिए वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों की टीम गठित की है। यह टीम 28 बिंदुओं पर जाँच करेगी जिसमें आपातकालीन सेवाएं दवाओं की उपलब्धता आईसीयू की सुविधा और अन्य महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। टीम एक महीने में अपनी रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को सौंपेगी।

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    35 मेडिकल कालेजों की जांच के लिए टीम गठित

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश पर 35 राजकीय मेडिकल कॉलेजों की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों की टीम गठित कर दी है। 

    प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए अलग-अलग दो-दो वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों की टीम बनाई गई है। यह टीम मेडिकल कॉलेजों में 28 बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। टीम को एक माह में अपनी रिपोर्ट महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को देनी होगी।

    चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच में आकस्मिक विभाग एवं ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों, तकनीकी एवं नर्सिंग स्टाफ की 24 घंटे सातों दिन की उपलब्धता, समुचित मात्रा में औषधियों की उपलब्धता, जीवन रक्षक उपकरणों की क्रियाशीलता एवं डायग्नोस्टिक पैथोलाजिकल व रेडियोलाजिकल जांचों की आकस्मिक विभाग में व्यवस्था की क्या स्थिति है इसे देखेगी। 

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    चिकित्सालय में औषधियों की उपलब्धता एवं उपलब्ध औषधियों की सूची का डिस्प्ले है या नहीं। ब्लड बैंक की 24 घंटे सातों दिन क्रियाशीलता, पैथोलाजिकल एवं रेडियोलाजिकल जांचों की 24 घंटे सातों दिन सुविधा एवं रेट लिस्ट का डिस्प्ले है या नहीं है।

    आईसीयू की पूर्ण कियाशीलता एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति, एंबुलेंस एवं शव वाहन की वाहन चालक सहित 24 घंटे सातों दिन की उपलब्धता एवं चिकित्सालय परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस/वाहन चिकित्सालय परिसर की उपलब्धता की स्थिति की जांच की जाएगी। ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए एलएमओ, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट (पीएसए) सिलेंडर इत्यादि की क्रियाशीलता एवं उपलब्धता के साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट, पर्यावरण नियंत्रण आदि के महत्वपूर्ण वैध प्रमाणपत्रों की उपलब्धता एवं समय-समय पर निगरानी हो रही है या नहीं यह भी देखा जाएगा। 

    चिकित्सालय के वार्डों में पर्याप्त संख्या में बेडशीट एवं पिलो आदि की व्यवस्था/उपलब्धता की स्थिति, चिकित्सालय एवं कैंटीन में गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता, स्टाफ की संवेदनशीलता, व्यवहार, यूनिफार्म की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था की स्थिति की भी जांच की जाएगी।

    चिकित्सा शिक्षकों, रेजीडेंट एवं कर्मचारियों की चिकित्सालय एवं एकेडमिक ब्लाक में समय पर उपलब्धता। चिकित्सालय परिसर में ओपीडी में चिकित्सकों का रोस्टर एवं ससमय उपस्थिति के साथ ही टीम यह भी देखेगी कि ओपीडी में चिकित्सकों द्वारा जेनरिक दवाइयां लिखी जा रही हैं या नहीं। 

    चिकित्सालय परिसर में जन औषधि केंद्र/अमृत फार्मेसी का 24 घंटे सातों दिन संचालन, चिकित्सालय परिसर में कुल (पुरुष/महिला) शौचालयों की संख्या तथा उनकी क्रियाशीलता व साफ सफाई की स्थिति तथा दिव्यांगजनों के लिए शौचालयों की स्थिति की भी जांच की जाएगी।

    चिकित्सालय परिसर की साफ सफाई की स्थिति, चिकित्सालय में एसी/कूलर/पंखे चल रहे हैं या नहीं, साफ पेयजल की स्थिति, वाटर कूलर की स्थिति के साथ ही छात्रों के शैक्षणिक कार्यों का नियमित रूप से पर्यवेक्षण, केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों एवं जर्नल्स की उपलब्धता, सुरक्षा के लिए भूतपूर्व सैनिकों की स्वीकृति के अनुसार उनकी उपलब्धता व अस्पताल परिसर, गर्ल्स हास्टल, इमरजेंसी इत्यादि अन्य स्थानों में तैनाती की स्थिति क्या है। 

    प्रधानाचार्य/उप प्रधानाचार्य अस्पतालों में कितना भ्रमण करते हैं यह भी देखा जाएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा संचालित किये जाने वाले कार्यों यथा-साफ-सफाई, भोजन, लांड्री आदि की गुणवत्ता। आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय एवं भुगतान की स्थिति।

    राजकीय मेडिकल कॉलेजों में रोगी कल्याण समिति की क्रियाशीलता की स्थिति भी समिति देखेगी।

    इन मेडिकल कॉलेजों की होगी जांच

    राजकीय मेडिकल कॉलेज कानपुर, राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी, राजकीय मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गोंडा, राजकीय मेडिकल कॉलेज आजमगढ़, राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ललितपुर, राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा, राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बस्ती, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बहराइच, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय फिरोजाबाद, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय हरदोई, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय शाहजहांपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अयोध्या, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जौनपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्धार्थनगर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय फतेहपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय प्रतापगढ़, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय गाजीपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मीरजापुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एटा, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अमेठी, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय औरैया, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कानपुर देहात, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कुशीनगर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पीलीभीत, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बुलंदशहर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बिजनौर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय लखीमपुर खीरी, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुलतानपुर, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोनभद्र, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय चंदौली व स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशांबी।