जागरण संवाददाता, लखनऊ: 'दैनिक जागरण' और 'जागरण न्‍यू मीडिया' के 'माय सिटी माय प्राइड' अभियान की हकीकत अब शहर की बदली सूरत में नजर आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने संकल्प को पूरा करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसी का परिणाम है कि शहर की सूरत में बदलाव की हवा और तेज हो गई है। 

पर्यावरण संरक्षण की बात हो या महिलाओं सशक्तीकरण की, स्वच्छता की बात हो या फिर गरीबों को भोजन और बच्चों की सुरक्षा की। हर क्षेत्र में शहर में सामूहिक भागीदारी बढ़ी तो शहर की दशा भी बदलने लगी। सरकार की ओर निहारने वाले लोग भी अब अपने-अपने प्रयास से शहर को स्मार्ट बनाने में लग गए हैं। व्यस्तम बाजार यहियागंज की बात करें तो यहां के व्यापारियों और नगर निगम के सहयोग से गंदगी से काफी राहत मिली है तो लगने वाले जाम को रोकने में व्यापारियों का सहयोग बढ़ा है। इंदिरानगर और गोमतीनगर के बदहाल पार्कों को संवारने में निवासी आगे आए हैं । वहीं स्कूलों में गुड और बैड टच के प्रति चले जागरूकता अभियान का असर भी दिखने लगा है।

कृष्णानगर और गऊघाट के पास झोपड़ पट्टी में रहने वाले बच्चों को कांवेंट शिक्षा का अधिकार मिला है तो उनके अभिभावकों की आर्थिक मदद के लिए उन्हें प्रशिक्षण के साथ ही रोजगार से जोडऩे का प्रयास शुरू हो चुका है। अस्पतालों में तीमारदारों की परेशानी को कम करने का प्रयास मूर्तरूप लेने लगा है तो असहायों की मदद के लिए व्‍हीलचेयर और स्‍ट्रेचर का भी इंतजाम हो रहा है। नगर निगम प्रशासन की भागीदारी से शौचालयों की कमी को दूर करने का प्रयास अंतिम चरण में पहुंच गया है। जागरूकता के इस अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास निरंतर जारी है। सभी अपने शहर को संवारने और सामाजिक तौर पर आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।

स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा : स्मार्ट सिटी बनाने के क्रम में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। राजधानी में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कार्य किया गया और कूड़ा समय से उठे इसका प्रयास शहर में दिखने लगा है। आगे आने वाले समय में घर से ही कूड़ा उठने लगे और कूड़ा घर समाप्त हो जाय, इस क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय बनाए जा रहे हैं। यहां सुरक्षा के साथ ही नैपकिन सहित महिलाओं की जरूरत के हिसाब से इंतजाम किए जाएंगे।
अरविंद राव-स्वच्छता अभियान प्रभारी नगर निगम लखनऊ

इनका ये है कहना
10 गरीब बच्चों को कांवेंट शिक्षा देने के संकल्प के सापेक्ष 15 बच्चों को शिक्षा देने का कार्य शुरू हो गया है। 21 जनवरी को शुरूआत होने के साथ ही 750 महिलाओं को स्वरोजगार से जोडऩे का प्रयास चल रहा है।
शालिनी सिंह-सिटीजन डेवलपमेंट की संस्थापिका

गरीबों को सुलभ न्याय मिल सके इसके लिए प्रयास चल रहा है। प्रताडि़त और शोषित महिलाओं को निशुल्‍क कानून परामर्श देकर उनके अधिकारों को दिलाने का प्रयास जारी है। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चल रहा है।
विकास सिंह-सामाजिक कार्यकर्ता

गोमतीनगर और पत्रकारपुरम क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को धार देने का सार्थक प्रयास शुरू हो चुका है। सभी की भागीदारी के चलते इलाके में सुलभ शौचालयों का निर्माण किया गया और कई निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गए हैं।
रूप कुमार शर्मा-सचिव, गोमतीनगर जन कल्याण महासमिति

कैंसर पीडि़त बच्चों के परिवार की मदद के साथ ही तीमारदारों को भोजन देने की व्यवस्था बलरामपुर अस्पताल में की गई है। बच्चों के लिए थियेटर भर बनाया गया है। सुल्तानपुर रोड पर दादा-दादी आश्रम बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विशाल सिंह- संस्थापक, विजय श्री फाउंडेशन

नेपकिन के प्रति छात्राओं को जागरूक करने का प्रयास चल रहा है। 75 विद्यालयों में ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया गया। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टीकाकरण शिविर लग रहे हैं। शीघ्र ही नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के लिए शिविर लगाया जाएगा।
राजेश ओझा-होप संस्था

बदलते समाज में बच्चों के शोषण की बढ़ती घटनाओं के चलते होप संस्था के माध्यम से गुड और बैड टच के बारे में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। विद्यालय स्तर पर कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों को अलर्ट करने का कार्य जारी है।
बिंदु-सामाजिक कार्यकर्ता

अस्पतालों में मरीजों और व्‍हीलचेयर और स्ट्रेचर फ्री देने का प्रयास किया जा रहा है। केजीएमयू समेत नौ अस्पतालों में यह सुविधा नि:शुल्‍क दी जा रही है। अन्नपूर्णा केंद्र के माध्यम से तीमारदारों को भरपेट भोजन कराने का कार्यक्रम भी शुरू हो चुका है।
डॉ.नीरज मिश्रा-धनवंतरि सेवा संस्थान


इंदिरानगर के सद्भावना पार्क से लेकर अन्य पार्कों को संवारने का प्रयास चल रहा है। पांच पार्कों को संवारने के संकल्प के सापेक्ष दो पार्क की बदहाली दूर हो चुकी है और अन्य तीन पार्कों को संवारने का कार्य चल रहा है।
पंकज कुमार तिवारी- संस्थापक, लखनऊ जन विकास महासभा

बाजारों में दुकानों के सामने पांच हजार डस्टबिन रखने का लक्ष्य पूरा होने वाला है। नगर निगम के अधिकारियों ने बाजार बंदी के दिन सफाई न करने और उसके एवज में दूसरे दिन कराने का वादा पूरा नहीं किया। भूतनाथ बाजार गंदगी से पटा है, लेकिन नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा है।
-अमरनाथ मिश्रा-व्यापारी नेता

By Krishan Kumar