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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीनशाह की मजार बताने वाले मौलाना ने मांगी माफी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 17 Nov 2017 11:08 PM (IST)Updated: Sat, 18 Nov 2017 11:09 AM (IST)

दारुल उलूम निसवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ द्वारा बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीन शाह का मजार बताने संबंधी कथित बयान पर बवंडर मच गया है।

बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीनशाह की मजार बताने वाले मौलाना ने मांगी माफी
बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीनशाह की मजार बताने वाले मौलाना ने मांगी माफी

सहारनपुर (जेएनएन)। दारुल उलूम निसवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ द्वारा बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीन शाह का मजार बताने संबंधी कथित बयान पर बवंडर मच गया है। इसी बीच मौलाना लतीफ इस मुद्दे पर बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने सफाई दी कि टीवी चैनलों ने उनका बयान तोड़मरोड़ कर पेश किया है। कहा कि किसी भी देशवासी को उनके बयान से दुख पहुंचा है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

दैनिक जागरण से बातचीत में  मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि देश में फिरकापरस्त ताकतें ताजमहल को शिव मंदिर बनाने जैसे बयान देकर समाज को बांटने का काम कर रही हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने कहा था कि बद्रीनाथ में बदरूद्दीन शाह की मजार है।

इसका मतलब ये थोड़े ही है कि बद्रीनाथ बदरुद्दीन शाह हो गया। कहा कि फिर भी उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगने को तैयार हैं। उन्होंने नसीहत दी कि उन लोगों को भी बयानबाजी से बाज आना चाहिए जो मुस्लिमों के स्थलों को हिंदू देवी-देवताओं के नाम से पुकार रहे हैं। इस तरह से देश का माहौल बिगड़ रहा है। जिस पर सरकार को अंकुश लगाना होगा।

ये थे मौलाना लतीफ के कथित बोल

उत्तराखंड के रक्षा अभियान दल द्वारा बद्रीनाथ धाम में रहने वाले मुसलमानों को गोमूत्र व गंगा जल न पीने पर  ब्रदीनाथ छोडऩे की धमकी दी गई थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए  मौलाना अब्दुल लतीफ ने कथित रूप से बद्रीनाथ धाम को बदरुद्दीन शाह की मजार बताया था।