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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छांगुर के गुर्गों ने युवती से गैंगरेप किया, विधवा की हड़प ली जमीन... पांच पीड़ित परिवारों की आपबीती

Published: Tue, 22 Jul 2025 06:28 PM (IST)

छांगुर गैंग पर विदेशी फंडिंग के जरिए हिंदू युवतियों का मतांतरण और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा है। एक ...और पढ़ें

छांगुर के गुर्गों ने बेंगलुरु की युवती से किया सामूहिक दुष्कर्म।
छांगुर के गुर्गों ने बेंगलुरु की युवती से किया सामूहिक दुष्कर्म।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। विदेशी फंडिंग के बूते हिंदू युवतियों को मतांतरित करने के मास्टर माइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गुर्गों ने बेंगलुरु की युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती ने यहां मंगलवार को कहा कि छांगुर के एजेंटों ने मेरी जैसी 70-75 और युवतियों का भी शोषण किया है।

सऊदी अरब में छांगुर के 500 से अधिक एजेंट सक्रिय हैं। वे भारत से हिंदू युवतियों को बहलाकर वहां ले जाते हैं और मतांतरण करने का दबाव बनाते हैं। ऐसा न करने पर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। युवती के साथ ही पांच और लोगों ने भी अपनी पीड़ा सुनाई।

वे सभी छांगुर गिरोह से प्रताड़ित हैं। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के विशाल खंड गोमतीनगर कार्यालय में युवती ने बताया कि बचपन में ही उसके माता-पिता का निधन हो गया था। भाई ने पालन-पोषण किया, लेकिन 2019 में उनका भी देहांत हो गया था। इस बीच वह बेंगलुरु में ब्यूटी पार्लर चलाने लगीं।

इसी दौरान इंस्टाग्राम पर सहारनपुर के गहनाखंडी निवासी वसीम से उनकी बात हुई। वसीम ने अपना नाम राजू राठौर बताया और सऊदी अरब में ब्यूटीशियन की अच्छी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। युवती उसकी बातों में आकर 2021 में सऊदी अरब चली गई। वहां बदर अख्तर सिद्दीकी ने उनका मतांतरण कराने का प्रयास किया।

वह नहीं तैयार हुईं तो शारीरिक शोषण किया। वहां से भारत आई तो 13 दिसंबर 2024 को सहारनपुर में वसीम के सहयोगी एजेंट अरमान, सलमान और पीरू ने सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती ने बताया कि अमरोहा, देवबंद, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर के आसपास के जिलों में छांगुर के एजेंट महिलाओं को झांसे में लेकर मतांतरण करा रहे हैं।

गाजियाबाद निवासी वृद्ध आजाद चौधरी की बेटी पूजा भी पिछले चार माह से गायब है। आजाद का आरोप है कि छांगुर के एजेंटों ने उसका भी मतांतरण कराकर गायब कर दिया। छांगुर के एजेंटों ने मेरठ की लक्ष्मी की जमीन पर कब्जा कर लिया। लक्ष्मी ने बताया कि उनकी जमीन दादरी में है। वहां छांगुर के एजेंटों ने मजार बना दी है। अब वहां नमाज पढ़ते हैं।

बेटी का मतांतरण कराया, किया निकाह

छांगुर गिरोह से पीड़ित उतरौला के महुआडार निवासी रघुनाथ निषाद व उनकी पत्नी उर्मिला निषाद ने बताया कि उनकी बेटी पूजा का गांव के बगल के ही मुबारक अली ने छह माह पहले मतांतरण कराया और उससे निकाह कर लिया। इसके बाद से बेटी कहां है, कुछ पता नहीं चल रहा।

रेहरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन बेटी नहीं मिली। रघुनाथ ने बताया कि उनके आठ बच्चे हैं। चार बेटे और चार बेटी। पूजा दूसरे नंबर की बेटी है। रघुनाथ ने कहा कि मुबारक अली और उसका साथी नसीब अन्य बेटियों का मतांतरण कराने की धमकी दे रहे हैं।

मेरठ के सिविल लाइंस निवासी सुनील नेगी की बहन आशा नेगी भी छांगुर गिरोह की शिकार हो गई। वह 2019 से गायब है। सुनील ने बताया कि लव जिहाद में फंसाकर मेरी बहन को बदर अख्तर सिद्दीकी ले गया है। बाद में उसने मेरठ की ही प्रिया त्यागी को भी फंसाया। दोनों का पता नहीं चल रहा।