लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जर्मनी में जी-7 शिखर सम्मेलन स्थल पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांंस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ यूरोपीय संघ आयोग की प्रेसीडेंट उर्सुला वान डेर लेयन से मुलाकात के बाद जो तोहफे उनके दिए उसकी चहुंओर प्रशंसा हो रही है। जी-7 सम्मेलन के बाद भले ही पीएम मोदी दुबई रवाना हो गए, लेकिन उन्होंने मेक इन यूपी उपहारों ने भारतीय संस्कृति तथा सभ्यता के साथ कला का भी व्यापक विस्तार दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जर्मनी में जी-7 देशों के सम्मेलन में भाग लेने के साथ ही अमरिका, ब्रिटेन समेत कनाडा, फ्रांस , जर्मनी, इटली, जापान के राष्ट्र प्रमुखों के साथ वार्ता की। इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी राष्ट्र प्रमुखों को भारत को दुनिया में पहचान दिलाने वाली अनूठी चीजें गिफ्ट की। इनमें रामायण थीम वाली डोकरा कला, टेबल टाप, टी सेट और जरी जरदोजी बॉक्स भी शामिल हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश में निर्मित हैं।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को प्रदान किया वाराणसी में बना राम दरबार : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बना लाकरवेयर राम दरबार उपहार में दिया। यह दरबार विशेष गूलर की लकड़ी पर बना है। लड़की को तराशकर उनको विभिन्न रूप प्रदान किया जाता है।

यह कठिन प्रक्रिया है, जिसके लिए लकड़ी को अलग-अलग अंगों पर तैयार किया जाता है। राम दरबार में प्रमुख पात्र श्री राम, देवी सीता, भगवान हनुमान और जटायु हैं। ऐसा माना जाता है कि रामायण का इंडोनेशियाई संस्करण मध्य जावा में मेदांग साम्राज्य (732-1006 ईस्वी) के दौरान लिखा गया था।

प्रधानमंत्री ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्जो को मिला मुरादाबाद का मटका सेट : प्रधानमंत्री ने जी-7 समिट के मेजबान जर्मनी के चांसलर को देश की पीतलनगरी मुरादाबाद में मेटल मरोडी नक्काशी वाला मटका उपहार में दिया। मुरादाबाद जिला पीतल तथा तांबे के बर्तन निर्माण के साथ ही नक्कशीदार उपहारों के लिए काफी विख्यात है।

मुरादाबाद में बर्तन की ढलाई के बाद उसपर बारीक नक्काशी की जाती है। पहले डिजाइन को काजग पर बनाया जाता है। इसके बाद लकड़ी के ब्लॉक के साथ पूरे डिजाइन की रूपरेखा तैयार की जाती है। इस डिजाइन में बारीक जगह पर भरने के लिए पीतल या अन्य धातु का तरल पदार्थ डाला जाता है।

सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी सल्लू को मिलीं मूंज की टोकरियां और कपास की दरियां : सेनेगल में हाथ से बुनाई की परंपरा को काफी वरीयता दी जाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां के राष्ट्रपति को सीतापुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर तथा अमेठी के उत्पादों का तोहफा दिया है।

इन जिलों में मूंज की टोकरियों के साथ गहने भी बनते हैं। प्रयागराज में इसकी बुनाई का काफी प्रचलन है। यहां उपयोग की जाने वाली सरपत घास के ब्लेड बहुत पतले होते हैं, जिससे उन्हें बुनाई करना अधिक कठिन हो जाता है। सूती दरियां सीतापुर जिले में हाथ से बुनी जाती हैं।

इटली के पीएम मारियो ड्रैगी को आगरा में बना मार्बल टेबल टॉप गिफ्ट: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी को आगरा में बना टेबल टाप उपहार में दिया है। आगरा में संगमरमर पर चित्र या पैटर्न बनाने का काम काफी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इनको दीवारों और फर्श में काटा और जड़ा भी जाता है। इनले वर्क के साथ मार्बल टेबल टॉप की आजकल काफी धूम है।

पीएम को दिया गया विशेष टेबल टॉप कीमती पत्थरों से बना है। इनमें रंग भरने वाले पत्थरों को ढालने का काम काफी कठिन है। इटैलियन मार्बल इनले वर्क में रंग ढाल वाले पत्थरों को रखना कठिन होता है। छोटे टुकड़ों को खांचे में खिसका दिया जाता है, जिससे साधारण संगमरमर की वस्तु कला की एक सुंदर और रंगीन कृति बन जाती है।

फ्रांस के राष्ट्रपति को मिला लखनऊ में तैयार गिफ्ट बाक्स: प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को लखनऊ में बनी जरदोजी के डिब्बे में इत्र की बोतलें भेंट कीं। जरी जरदोजी बॉक्स को फ्रांसीसी राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में खादी रेशम और साटन ऊतक पर हाथ से कढ़ाई की गई है।

फ्रांस के राष्ट्रपति को जो बाक्स गिफट किया गया है, वह लखनऊ में बना है। जरी जरदोजी बॉक्स पर फ्रांसीसी राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में खादी रेशम और साटन ऊतक पर हाथ से कढ़ाई की गई है। तार के साथ कढ़ाई करने में कश्मीरी कालीनों में प्रयोग में आने वाले लटकन को भी लगाया गया है। इस बॉक्स में एक दर्जन इत्र रखी गई हैं। इसके साथ गरम मसाला भी है।

जापान के पीएम को निजामाबाद में बने काली मिट्टी के बर्तन : पीएम मोदी ने जापान के पीएम फुमियो किशिदा को निजामाबाद में बने काले मिट्टी के बर्तनों को उपहार में दिया। मिट्टी के बर्तन पर काले रंगों को बाहर निकालने के लिए एक विशेष तकनीक का उपयोग करते हैं। इनको भट्टी में पकाकर काला रंग का किया जाता है। निजामाबाद की काली मिट्टी के बर्तनों में काले रंग लाने के लिए एक विशेष तकनीक का उपयोग किया जाता है।

मिट्टी के बर्तन जब भट्टी में होते हैं, यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऑक्सीजन के प्रवेश की कोई गुंजाइश न हो और गर्मी का स्तर उच्च बना रहे। ऑक्सीजन की उपस्थिति मिट्टी के बर्तनों को लाल कर सकती है। मिट्टी के बर्तनों पर शीशा लगाना मिट्टी की उच्च जस्ता सामग्री और मिट्टी के बर्तनों को जलाने से पहले सरसों के तेल की परत से आता है।

वाराणसी में बना गुलाबी मीनाकारी ब्रोच और कफलिंक सेट : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी में बना कफलिंक सेट उपहार में दिया। कफलिंक अमेरिका की फर्स्ट लेडी के लिए मैचिंग ब्रोच के साथ तैयार किए गए थे। गुलाबी मीनाकारी एक जीआई-टैग की कला है। शुद्ध चांदी के एक टुकड़े को आधार रूप में ढाला जाता है, और चुने हुए डिजाइन को धातु में उकेरा जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी, उत्तर प्रदेश से गुलाबी मीनाकारी ब्रोच और कफ़लिंक सेट उपहार में दिया है। ये कफ़लिंक राष्ट्रपति के लिए और मैंचिग ब्रोच फर्स्ट लेडी के लिए तैयार किए गए हैं। गुलाबी मीनाकारी एक GI-टैग कला है। उभरा हुआ आकार फिर एक दिलचस्प प्राकृतिक अनारदाना (अनार के बीज) गोंद के साथ मिश्रित मीना कांच के साथ बड़ी निपुणता से भर जाता है। इसे रंग के पैच में बदलने के लिए निकाल दिया जाता है। जो इसे अन्य मीनाकारी से अलग करता है, वह है सफेद मीना की परत जो हाथ से चित्रित रूपांकनों के लिए एक अपारदर्शी कैनवास के रूप में कार्य करती है। स्थायीता के लिए पेंट को परत दर परत निकाल दिया जाता है। मुख्य रूप से गुलाबी रंग (गुलाबी) का उपयोग किया गया है।

यूके के पीएम बोरिस जॉनसन प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट गिफ्ट : पीएम मोदी ने ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन को बुलंदशहर में बना प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट गिफ्ट किया। इसे बेस फॉर्म को हाथ से पेंट किया जाता है और 1200 डिग्री सेल्सियस पर निकाल दिया जाता है। इसमें उभरी हुई रूपरेखा मेहंदी कोन के काम से मैन्युअल रूप से रखी जाती है।

इसके काम के लिए बेहद आत्मविश्वास से भरे हाथ की आवश्यकता होती है। आकार को अलग-अलग रंग से भर दिया जाता है, बड़ी निपुणता के साथ और पूरे कप को फिर से निकाल दिया जाता है। इस वर्ष मनाई जा रही महारानी की प्लेटिनम जयंती के सम्मान में क्रॉकरी को प्लेटिनम मेटल पेंट से रेखांकित किया गया है। 

Edited By: Dharmendra Pandey