विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आतंकियों के निशाने पर थे पुलिस और सेना के अधिकारी, डार्क वेब के जरिये पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश

Published: Sat, 31 Oct 2026 10:41 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. पाकिस्तानी हैंडलर डार्क वेब से दे रहे थे निर्देश।

  2. पुलिस और सेना के अधिकारी थे आतंकियों के निशाने पर।

  3. एटीएस कर रही है पूरी साजिश की गहन जांच।

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के जरिये उत्तर प्रदेश में आतंकी वारदात कराने की साजिश में गिरफ्तार तीनों आरोपित डार्क वेब के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपितों को डार्क वेब के जरिये ही पुलिस और सेना के अधिकारियों की तस्वीरें भेजकर उन्हें निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। टारगेट किलिंग की पूरी योजना पहले से तैयार थी। आरोपितों की गतिविधियों पर पाकिस्तान में बैठा हैंडलर लगातार नजर रख रहा था और उन्हें निर्देश दे रहा था।

एटीएस को आरोपितों के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनमें विदेशी नंबरों से बातचीत के साथ वर्चुअल नंबरों के जरिये संचालित वाट्सएप खातों के साक्ष्य भी शामिल हैं। जांच एजेंसी अब इन चैट के आधार पर यह पता लगा रही है कि पुलिस और सेना के किन अधिकारियों को निशाने पर लिया गया था और उन्हें टारगेट करने की वजह क्या थी।

साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपितों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे, जिन्हें पूरी साजिश की जानकारी थी। एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई के निर्देश पर लखनऊ में टारगेट किलिंग की तैयारी कर रहे पंजाब के तीन आरोपितों गगनदीप सिंह, रजत कुमार और क्रिश को गिरफ्तार किया था।

एक बाल अपचारी को भी पुलिस निगरानी में लिया गया है। आरोपितों को हत्या के बाद उसका वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजने के बदले तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

जांच में सामने आया है कि आरोपित 27 अक्टूबर को अमृतसर से दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात लखनऊ पहुंचे थे। यहां उन्होंने रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजा था। इसके बाद उन्हें स्थानीय सहयोगी के माध्यम से विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस उपलब्ध कराए गए थे। वारदात के बाद नेपाल भागने की योजना भी तैयार थी।

पूरी चेन खंगाल रही एटीएस

एटीएस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सहयोगियों के साथ पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और उनके अन्य संपर्कों की पहचान कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपितों ने रेलवे स्टेशन के अलावा किन संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी की थी। एजेंसी का उद्देश्य साजिश में शामिल पूरी चेन का पर्दाफाश कर नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

यह भी पढ़ें- आतंकी परवेज की शह पर 2012 से अनैतिक काम में जुट गया था डॉ रमीजुद्दीन, शुरू किया इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप

यह भी पढ़ें- कठुआ के बाना चक में मिली सैन्य वर्दी और बैग, आतंकी घुसपैठ की आशंका

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।