पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों का लखनऊ में धरना, दो सप्ताह में निर्णय न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी
विशिष्ट बीटीसी-2004 बैच के शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लखनऊ में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने सरकार ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विशिष्ट बीटीसी-2004 बैच के सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बुधवार को निशातगंज स्थित विद्या भवन में शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।
प्रदेशभर से जुटे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित मांगपत्र सौंपकर 28 जून 2024 के शासनादेश के अनुपालन में लंबित विकल्प-पत्रों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि दो सप्ताह में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो दीपावली के बाद मुख्यमंत्री आवास के सामने आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
धरने के संयोजक विनोद वर्मा ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी-2004 के तहत विज्ञापित 46,189 पदों पर नियुक्त शिक्षकों की पुरानी पेंशन का मामला वर्षों से लंबित है। केंद्र सरकार के तीन मार्च 2023 के कार्यालय ज्ञाप के क्रम में प्रदेश सरकार ने 28 जून 2024 को शासनादेश जारी किया था। इसके तहत कई विभागों के पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल चुका है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षकों के विकल्प-पत्रों पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है।
पवन शंकर दीक्षित ने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में लगभग 70 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल करने की सकारात्मक घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में अधिकारियों को मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप लंबित प्रकरणों का निस्तारण करना चाहिए। धरने में सर्वजीत सिंह, अजय त्रिपाठी, सुभाष चंद्र तिवारी, भानु शंकर गुप्ता, गिरीश चंद्र यादव और राहुल गोस्वामी समेत कई शिक्षक शामिल हुए।