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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ का जांबाज अहमदनगर में शहीद, फफकते हुए बोली मां- बेटे ने कहा था जून में आऊंगा

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Mon, 15 Mar 2021 07:30 AM (IST)Updated: Mon, 15 Mar 2021 11:34 AM (IST)

लखनऊ के तोपखाना बाजार के निवासी थे अश्विनी कुमार। महाराष्ट्र में पुणे के पास स्थित अहमदनगर रेंज में थे तैनात ...और पढ़ें

लखनऊ के तोपखाना बाजार के निवासी थे अश्विनी कुमार। मां बोली- बेटे ने जून में आने का किया था वादा।
लखनऊ के तोपखाना बाजार के निवासी थे अश्विनी कुमार। मां बोली- बेटे ने जून में आने का किया था वादा।

लखनऊ [नीरज मिश्र]। दो दिन पहले की ही बात है...जब भइया का फोन आया था। कह रहा था, मम्मी फोन करना भूल गया था। तुम दवा जरूर ले लेना। कब आओगे बेटा, मम्मी जून में छुट्टियां लेकर आऊंगा। ये ही बातें तो फोन पर हुई थीं, कहते हुए मां समता देवी फफक पड़ती हैं। पास खड़ी तीनों बहनों की आंखें भी नम हो जाती हैं। घर के बाहर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ था। बीच-बीच में उठती परिवारजन की सिसकियां कैंट के सन्नाटे को चीर रही थीं।

महाराष्ट्र में पुणे के पास स्थित अहमदनगर रेंज में तैनात लखनऊ के तोपखाना बाजार निवासी जवान अश्विनी कुमार शनिवार को शहीद हो गए। वह आम्र्ड रेजीमेंट के जवान थे। उनकी शहादत की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया। शहीद अश्विनी कुमार के पिता अनिल कुमार मध्य कमान में सिविल डिफेंस के कर्मचारी हैं। मां समता देवी के अलावा तीन बहनें मानसी, खुशी और रिया का रो-रोकर बुरा हाल था। मां ने बताया कि तबीयत के बारे में पूछ रहा था। कुशलक्षेम पूछने के बाद आने का वादा किया था। कह रहा था, बस एक प्रशिक्षण के लिए अहमदनगर आया हूं। यहां मेरी टेक्निकल ट्रेनिंग होगी। लेकिन, क्या पता था शनिवार शाम को यह मनहूस खबर सुनने को मिलेगी। यह कहते ही वह फफकने लगती हैं। बेसुध मां को बहन मानसी संभालती हैं। आंखें नम थीं। हाथ में चोट लगी थी। कुरेदने पर वह कहती हैं कि यह सुनकर यकीन नहीं हुआ था। शीशे पर हाथ मारा और हाथ में चोटिल हो गया।

किसी को यकीन नहीं हो रहा था: आर्मी पब्लिक स्कूल में पढऩे वाले होनहार अश्विनी अब उनके बीच नहीं हैं। फुटबॉल के स्ट्राइकर कहे जाने वाले अश्विनी स्पोट्र्स कोटे से ही सेना में भर्ती हुए थे। जाने-माने एनसीसी कैडेट और शतरंज के बेहतरीन खिलाड़ी थे। पूर्व क्षेत्रीय पार्षद प्रमोद शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अश्विनी कुमार का पार्थिव शरीर जल्द लखनऊ भेजने की मांग की। रक्षा मंत्री ने उनकी शहादत पर शोक जताते हुए जल्द ही पार्थिव शरीर लखनऊ भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए।