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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ की पौलोमी पाविनी शुक्ला ने बढ़ाया देश का मान, Forbes मैगजीन की '30 Under 30' सूची में शामिल

By Rafiya NazEdited By:
Published: Wed, 03 Feb 2021 04:50 PM (IST)Updated: Thu, 04 Feb 2021 08:10 AM (IST)

लखनऊ की पौलोमी पाविनी शुक्ला को विश्व विख्यात पत्रिका फोर्ब्स ने भारत की अंडर 30 सूची में शामिल कर सम्मानित ...और पढ़ें

अमेरिका की बिजनेस मैगजीन फोर्ब्‍स की 30 अंडर 30 सूची में शामिल हुई अधिवक्‍ता पौलोमी पाविनी शुक्ला।
अमेरिका की बिजनेस मैगजीन फोर्ब्‍स की 30 अंडर 30 सूची में शामिल हुई अधिवक्‍ता पौलोमी पाविनी शुक्ला।

लखनऊ [पुलक त्रिपाठी]। लखनऊ की पौलोमी पाविनी शुक्ला को विश्व विख्यात पत्रिका फोर्ब्स ने भारत की अंडर 30 सूची में शामिल कर सम्मानित किया है। इस उपलब्धि पर पौलोमी पाविनी का परिवार ही नहीं बल्कि उनका लखनऊ वासी भी गर्व महसूस कर रहे हैं। बता दें कि फोर्ब्स पत्रिका प्रति वर्ष ऐसे 30 व्यक्तियों की सूची जारी करती है, जो 30 वर्ष की आयु से कम हैं और अपने क्षेत्र में अति महत्वपूर्ण व सराहनीय काम किया है। 

पौलोमी पाविनी शुक्ला द्वारा अनाथ बच्चों की शिक्षा हेतु महत्वपूर्ण योगदान के लिए फोर्ब्स पत्रिका ने वर्ष 2021 की अपनी 30 Under 30 सूची में सम्मिलित किया है। पौलोमी पाविनी उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता हैं।

ये है योगदान 

अधिवक्ता पौलोमी पाविनी देश ने अनाथ बच्चों की दुर्दशा पर वर्ष 2015 में "Weakest on Earth - Orphans of India" पुस्तक अपने भाई Amand के साथ मिलकर लिखी, जो विख्यात प्रकाशन संस्थान Bloomsbury द्वारा प्रकाशित की गई। वर्ष 2018 में इन्होंने उच्चतम न्यायालय में अनाथ बच्चों के लिए जनहित याचिका भी दायर की। अपनी पुस्तक तथा जनहित याचिका के माध्यम से इनके द्वारा अनाथ बच्चों को शिक्षा तथा अन्य सुविधाओं में समान अवसर दिलवाने के लिए कई वर्षों से काम किया जा रहा है। पौलोमी पाविनी के इस काम से कई राज्यों में अनाथ बच्चों की बेहतरी के लिए अनेक कदम उठाए गए।जिसके लिए पौलोमी पाविनी शुक्ला को कई राज्यों में सम्मानित भी किया जा चुका है।