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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lucknow: महिला ने किशोरी का किया अपहरण, युवकों ने दिल्ली ले जाकर किया सामूहिक दुष्कर्म; पुलिस पर भी गंभीर आरोप

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
Published: Mon, 21 Aug 2023 08:40 AM (IST)

Lucknow News किशोरी को करीब ढाई माह पहले पड़ोस में रहने वाली महिला ने नशीला पदार्थ खिलाकर तीन युवकों को ...और पढ़ें

महिला ने किशोरी का किया अपहरण, युवकों ने दिल्ली ले जाकर किया सामूहिक दुष्कर्म; पुलिस पर भी गंभीर आरोप
महिला ने किशोरी का किया अपहरण, युवकों ने दिल्ली ले जाकर किया सामूहिक दुष्कर्म; पुलिस पर भी गंभीर आरोप

जागरण संवाददाता, लखनऊ : किशोरी को करीब ढाई माह पहले पड़ोस में रहने वाली महिला ने नशीला पदार्थ खिलाकर तीन युवकों को सौंप दिया। आरोप है तीनों उसका अपहरण कर दिल्ली ले गए, वहां कमरे में रखकर सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद बेच दिया।

खरीदारों के चंगुल से छूटकर वह गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने पहुंची जहां से परिवारीजन को सूचना दी। इसके बाद रहीमाबाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। पीड़िता की मां का आरोप है कि रहीमाबाद पुलिस तीनों आरोपित युवकों, गिरोह में शामिल महिला और एक लड़की को बचाने में लगी है। पुलिस आरोपितों पर मुकदमा नहीं दर्ज कर रही है।

पीड़िता ने महिला आयोग से की शिकायत

पीड़िता ने मुख्यमंत्री और महिला आयोग में शिकायत की है। पीड़िता की मां के मुताबिक, दो जून को पड़ोस में रहने वाली महिला और पड़ोसी गांव की लड़की ने बेटी को बहाने से नशीला पदार्थ पिलाया। वह अचेत हो गई तो उसे माधवपुर गांव के रहने वाले धीरू, उसके साथी देशराज और बब्बन के सिपुर्द कर दिया।

तीनों उसे कार से हरदोई संडीला लेकर पहुंचे। वहां बेटी को होश आया तो उसने विरोध किया। चाकू लगाकर उसे जान से मारने की धमकी दी। बेटी को तीनों दिल्ली ले गए। वहां एक कमरे में रखा और तीनों ने डरा धमकाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद फोन कर तीन लोगों को बुलाया। उनके हाथ दो लाख रुपये में बेच दिया।

चकमा देकर भाग निकली युवती

किसी तरह वहां से चकमा देकर वह भाग निकली और वसुंधरा थाने पहुंची। वहां से इंदिरापुरम थाने ले जाया गया, जहां से वापस रहीमाबाद लाया गया। पीड़िता और उसकी मां का आरोप है कि आरोपितों के खिलाफ रहीमाबाद थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय टरका दिया।

थाना प्रभारी रहीमाबाद अजीत कुमार ने बताया कि किशोरी के न्यायिक अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज कराए गए थे। वहां पर उसने अपहरण और दुष्कर्म का कोई आरोप नहीं लगाया था। अब पड़ोसी महिला और लड़की से जब उनके परिवारजन का विवाद हुआ है, तब उसके बाद किशोरी आरोप लगा रही है।

उन्होंने बताया कि किशोरी के थाने पर भी महिला दारोगा ने बयान दर्ज किए थे। किसी ने उसे धमकाया नहीं है। सारे आरोप निराधार हैं।

किशोरी ने कहा, दारोगा ने रात भर थाने में रखा धमकाया

किशोरी का आरोप है कि वह जब रहीमाबाद थाने पहुंची तो वहां दारोगा लाल बहादुर ने माता-पिता को घर भेज दिया। उसे रात भर थाने में ही रखा। रात भर धमकाते रहे कि अगर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराओगी तो तुम्हारी और परिवारजन की बदनामी होगी। आरोपित तुम्हारे ऊपर भी मुकदमा दर्ज कराएंगे। दारोगा ने धमकाया। इसके बाद न्यायिक अधिकारी के पास लेकर पहुंची। दारोगा की धमकी के डर से उसने अपने बयान में सामूहिक दुष्कर्म की बात नहीं कही थी।