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    सागौन-शीशम किसानों की पहली पसंद, 13 करोड़ औद्योगिक और इमारती लकड़ी के पौधे लगेंगे इस महाअभियान में

    Updated: Mon, 07 Jul 2025 03:32 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार 9 जुलाई को 37 करोड़ पौधे लगाकर इतिहास बनाने जा रही है। इस महाभियान में सागौन और शीशम जैसे औद्योगिक और इमारती लकड़ी वाले पौधे 35% लगाए जाएंगे जबकि 20% फलदार पौधे होंगे जिनमें आम अमरूद और नींबू शामिल हैं। पिछले साल 36.50 करोड़ पौधे लगाए गए थे इस बार उससे अधिक का लक्ष्य है जिसके लिए नर्सरियों में 52.43 करोड़ से अधिक पौधे तैयार हैं।

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    सागौन व शीशम आज भी है किसानों की पहली पसंद।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार नौ जुलाई को एक दिन में 37 करोड़ पौधारोपण कर इतिहास बनाने जा रही है। आज भी किसानों की पहली पसंद सागौन व शीशम के पौधे बने हुए हैं। महाभियान में सबसे अधिक करीब 35 प्रतिशत पौधे औद्योगिक व इमारती लकड़ी वाले लगाए जाएंगे।

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    यानी इस बार करीब 13 करोड़ पौधे इसी प्रजाति के लगेंगे। दूसरे नंबर पर फलदार पौधे लगेंगे। यह 20 प्रतिशत से अधिक यानी 7.40 करोड़ पौधे फलदार लगाने की तैयारी है। इनमें आम, अमरूद, जामुन, शरीफा, कटहल, बड़हल, चिरौंजी, पपीता, करौंदा व नींबू आदि हैं।

    पिछले वर्ष सरकार ने एक दिन में 36.50 करोड़ पौधे लगाए थे। इस बार उससे अधिक पौधे लगाकर रिकार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 52.43 करोड़ से अधिक पौधे नर्सरियों में तैयार हैं। इनमें वन विभाग की नर्सरियों में 47.27 करोड़, उद्यान विभाग की नर्सरी में 1.55 करोड़, रेशम विभाग की नर्सरी में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे हैं।

    औद्योगिक एवं इमारती लकड़ी की प्रजाति वाले पौधों में सागौन, शीशम, खैर, चंदन, तेंदु, बांस, सेमल, साल, ताड़, बाकली, कुंभी, कैम आदि के 35 प्रतिशत लगेंगे।

    पौधारोपण के लिए वन विभाग की नर्सरियों में 27 से अधिक प्रजातियों के फलदार पौधे तैयार हैं। इनमें औषधीय गुण वाले जैसे सहजन, बेल, आंवला, कैथा, जामुन, कठ जामुन, बहेड़ा व हर्र भी शामिल हैं। यह 10 प्रतिशत पौधे लगेंगे। फलदार पौधों में शरीफा, कटहल, बड़हल, चिरौंजी, पपीता, करौंदा, नींबू, लसोड़ा, अंजीर, गूलर, महुआ, आम, अमरूद, शहतूत, खजूर, जंगल जलेबी, इमली, अनार व बेर आदि तैयार हैं।

    चारा व शोभाकार प्रजाति के 10 प्रतिशत पौधे लगाए जाएंगे। इस बार इसके 32 से अधिक प्रजातियों के पौधे नर्सरी में तैयार हैं। इनमें कुसुम, बकैन, बबूल, कचनार, सफेद सिरस, अमलतास, अलबीजिया अमारा, काला सिरस, बाटलब्रश, जाकरंदा, अकेसिया व अगस्त प्रमुख हैं।

    इसी प्रकार पर्यावरणीय प्रजाति वाले पौधों में नीम, पलास, पाकड़, पीपल, बरगद, कैजुरिना, कंजी, कटसागौन, खमेर, गुटेल, चिलबिल, ढाक आदि के भी पौधे लगाए जाएंगे। सुंगधित पौधे जैसे कदम्ब, कनक चंपा, कनेर, अकेसिया, सिल्वर ओक, जंगल बादाम, रातरानी, गुड़हल, गुलाब, गोल्ड मोहर, बोगनबिलिया, मौलश्री, समी, राेहन, तमाल, हल्दू आदि भी लगेंगे।