बिजली गुल? अब सीधे इंजीनियर पर गिरेगी गाज! UPPCL अध्यक्ष का बड़ा एलान
लखनऊ में बिजली निजीकरण के खिलाफ आंदोलन को देखते हुए पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित करने पर मुख्य अभियंता के खिलाफ कार्रवाई होगी और कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति है लेकिन बिजली जैसी आवश्यक सेवा को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ यात्रा मार्गों पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने बिजली निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन को देखते हुए निर्देश दिया है कि जिस मुख्य अभियंता के क्षेत्र में आंदोलन के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी, उस मुख्य अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो कार्मिक विद्युत आपूर्ति को प्रभावित करेगा, उसे बर्खास्त किया जाएगा।
मंगलवार को प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण ढ़ग से विरोध प्रदर्शन से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन बिजली जैसी आवश्यक सेवा को प्रभावित करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जो भी कार्मिक जान बूझकर ब्रेकडाउन करेंगे वे बर्खास्त किए जाएंगे। जो धरना देगा अथवा काम नही करेगा ऐसे कार्मिकों पर काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम लागू होगा। अध्यक्ष ने सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि बायोमैट्रिक उपस्थिति इसी महीने से 100 प्रतिशत की जाए। इसकी जिम्मेदारी मुख्य अभियंताओं की होगी। इस बैठक में प्रबंध निदेशक पंकज कुमार तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कांवड़ मार्गों पर 24 घंटे कर्मचारी उपलब्ध रहें
अध्यक्ष ने कहा कि जिन रास्तों से कांवड़ यात्रा निकलती है उन क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत कर्मचारी ड्यूटी पर रहें। कांवड़ की ऊंचाई अधिक होने पर सजग रहें, स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। लाइनों, खंभों की जांच कर व्यवस्थित कर लें। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर लें।
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