Lucknow: हाथ में कलावा बांधकर बताया ईश्वर नाम, शादी के बाद निकला इरशाद अली; युवती का कराया मतांतरण
Lucknow News ईश्वर बनकर इरशाद ने एक हिंदू युवती से पहले दोस्ती की। इसके बाद साथ जीने मरने की कसमें खाई और अपना धर्म छुपाकर शोषण करता रहा। इसके बाद उसके साथ पहले हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया फिर जबरन मतांतरण कराकर निकाह किया और मारपीट करने लगा। जानकारी होने पर युवती के पिता ने आरोपित युवक के खिलाफ नाका कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ : ईश्वर बनकर इरशाद ने एक हिंदू युवती से पहले दोस्ती की। इसके बाद साथ जीने मरने की कसमें खाई और अपना धर्म छुपाकर शोषण करता रहा। इसके बाद उसके साथ पहले हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया, फिर जबरन मतांतरण कराकर निकाह किया और मारपीट करने लगा।
जानकारी होने पर युवती के पिता ने आरोपित युवक के खिलाफ नाका कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। अब पुलिस आरोपित और युवती की तलाश कर रही है। युवती के पिता ने बताया कि आरोपित युवक इरशाद बाराबंकी के साई खेड़ा का रहने वाला है। वह उनके घर के पास ही एक मकान में वर्ष 2019 में किराए पर रहता था। इस दौरान उसने अपना नाम ईश्वर बताया था।
प्रेमजाल में फंसाकर किया निकाह
वह हाथ में कलावा पहनता था। उसने प्रेम जाल में फंसाकर बेटी से शादी कर ली। छह माह पहले वह बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया। काफी तलाश के बाद भी बेटी का कुछ पता नहीं चला। इस बीच छोटी बेटी ने जानकारी दी तो पता चला कि ईश्वर का वास्तविक नाम इरशाद अली है। 24 अप्रैल को इरशाद ने मौलाना और अपने माता-पिता को बुलाकर बेटी का मुस्लिम नाम रखा। विरोध पर उसे पीटा और फिर मतांतरण करा दिया।
दारोगा पर तहरीर फाड़ने का आरोप
पीड़ित पिता ने बताया कि तत्कालीन दारोगा संतोष सोनकर को 12 जुलाई को तहरीर दी थी। तहरीर लेकर उन्होंने जांच करने का हवाला दिया। दोबारा जब उनके पास पहुंचे तो उन्होंने तहरीर फाड़ दी। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की तब पुलिस ने बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज किया।
मामले में इंस्पेक्टर नाका तेज बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपित इरशाद और युवती की तलाश की जा रही है। युवती के परिवारीजन के आरोपों की जांच की जा रही है। तहरीर फाड़ने की बात निराधार है। युवती की बरामदगी के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।