यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: खालिस्तानी आतंकी लजर के साथी नहीं लगे हाथ, पूछताछ के बाद दो संदिग्ध युवकों की तलाश शुरू
लखनऊ में महाकुंभ के दौरान हमले की साजिश रचने वाले खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह के साथियों की तलाश एटीएस कर ...और पढ़ें

HighLights
- एटीएस को खालिस्तानी आतंकी के साथियों की तलाश
- आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था लजर मसीह
- महाकुंभ में हमले की साजिश का आरोप
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। महाकुंभ के दौरान हमले की साजिश के आरोपित खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह के साथी आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के हाथ नहीं लग रहे हैं। मसीह का आईएसआई एजेंटों से भी संपर्क था। एटीएस ने लजर से पूछताछ के बाद दो संदिग्ध युवकों की तलाश शुरू की थी। एटीएस लजर के संपर्क में रहे आइएसआइ एजेंटों को भी चिन्हित करने का प्रयास कर रहा है।
एटीएस ने कौशांबी से गिरफ्तार किए गए लजर मसीह को पुलिस रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की थी। महाकुंभ के दौरान लजर लखनऊ व कानपुर के अलावा प्रयागराज में भी ठहरा था। इस दौरान वह कई स्थानीय युवकों के संपर्क में भी आया था। हालांकि उन्हें चिन्हित नहीं किया जा सका है।
मार्च माह में पंजाब निवासी लजर को कौशांबी से गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से तीन हैंडग्रेनेड, दो जेलिटन राड, दो डेटोनेटर, 7.62 एमएम की रूसी पिस्टल, 13 कारतूस, एक मोबाइल फोन बिन सिम कार्ड व फर्जी पते पर बना आधार कार्ड बरामद हुआ था। पुलिस पूछताछ में लजर ने स्वीकार किया था कि वह महाकुंभ में आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद पुर्तगाल भागने की फिराक में था।
वह फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से गाजियाबाद से पासपोर्ट बनवाने का प्रयास भी कर रहा था। इसके लिए उसने दिल्ली के दलालों से पंद्रह लाख रुपये में डील की थी। अधिकारियों का कहना है कि खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों को लेकर भी छानबीन चल रही है।
