10,827 स्कूल बनेंगे आंगनबाड़ी केंद्र! योगी सरकार का बड़ा फैसला आया सामने
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में विद्यालय विलय के बाद खाली भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र चलेंगे। बाल विकास विभाग ने 10827 भवनों की पहचान की है। तीन से छह वर्ष के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। 500 मीटर के दायरे में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र ही शिफ्ट होंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के 75 जिलों में पेयरिंग (विद्यालय विलय) के बाद खाली हुए विद्यालय भवनों का उपयोग अब आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए किया जाएगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व प्राथमिक शिक्षा देने के लिए बेहतर संसाधनों और सुविधाओं की जरूरत है, जो इन रिक्त विद्यालयों के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
इस निर्णय के तहत प्रदेश भर में करीब 10,827 खाली विद्यालय भवनों की पहचान की गई है, जिनमें आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए जिलों में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी करेंगे। समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी सदस्य होंगे।
सर्वे की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी को दी गई है। शिफ्टिंग उन्हीं आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी, जो रिक्त विद्यालय से अधिकतम 500 मीटर की दूरी पर स्थित हैं और भवन की स्थिति सुरक्षित व उपयोगी है। जिन भवनों में पहले से ही आंगनबाड़ी संचालन हो रहा है, उन्हें विद्यालय की अन्य सुविधाएं जैसे शौचालय, पेयजल, खेल क्षेत्र आदि का लाभ मिलेगा।
जिन केंद्रों का मौजूदा संचालन स्थल बेहतर है, वहां कोई बदलाव नहीं होगा। इस काम को चरणबद्ध तरीके से 15-15 दिन की समय सीमा में पूरा किया जाएगा। इस संदर्भ में बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
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