विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेपाल सीमा पर 2451 करोड़ से बनेगी 400 किमी सड़क, परियोजना से यूपी के इन सात जिलों को मिलेगा लाभ

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
Published: Tue, 04 Jul 2023 09:47 AM (IST)

Indo Nepal Border Road Project नेपाल सीमा पर 2451 करोड़ रुपये से 400 किलोमीटर सड़क का निर्माण करवाने का प्रस्ताव ...और पढ़ें

नेपाल सीमा पर 2451 करोड़ से बनेगी 400 किमी सड़क, परियोजना से यूपी के इन सात जिलों को मिलेगा लाभ
नेपाल सीमा पर 2451 करोड़ से बनेगी 400 किमी सड़क, परियोजना से यूपी के इन सात जिलों को मिलेगा लाभ

मनोज त्रिपाठी, लखनऊ: नेपाल सीमा पर 2451 करोड़ रुपये से 400 किलोमीटर सड़क का निर्माण करवाने का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने शासन को भेजा है। यह प्रस्ताव भारत-नेपाल सीमा मार्ग परियोजना के दूसरे चरण में सड़क के निर्माण के लिए भेजा गया है।

पहले चरण में 217 किलोमीटर मार्ग बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है, सिर्फ 18 किलोमीटर का काम शेष है। अब इसे दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना को वर्ष 2010 में सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। वर्ष 2014 में इस पर काम शुरू किया गया था।

सीमा पर बनेगी 440 किमी सड़क

उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में इस परियोजना के तहत भारत-नेपाल सीमा पर सात मीटर चौड़ी 1372 किलोमीटर सड़क तैयार की जानी है। इसमें उत्तर प्रदेश में 635 किलोमीटर, बिहार में 564 किलोमीटर और उत्तराखंड में 173 किलोमीटर सड़क का निर्माण शामिल है।

3853 करोड़ रुपये की परियोजना को वर्ष 2016 में दो चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बढ़ाकर दिसंबर 2023 कर दिया गया है। पहले चरण का काम पूरा करने पर 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सड़कों के निर्माण का खर्च केंद्र सरकार को देना है, लेकिन जमीनों की अधिग्रहण का काम प्रदेश सरकार के हवाले है।

यूपी के सात जिलों को मिलेगा लाभ

परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश के सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर व महाराजगंज के लोगों को सीमावर्ती इलाकों में यातायात में काफी राहत मिल जाएगी। साथ ही नेपाल सीमा पर फौज की गश्त का मार्ग बन जाएगा।

परियोजना के तहत सुरक्षा की दृष्टि से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान व कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य व सुहेलवा वन्यप्राणी अभयारण्य के क्षेत्र में भी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती व बलरामपुर में पहले चरण का काम पूरा हो चुका है।

महाराजगंज व सिद्धार्थनगर में 18 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम बाकी है। परियोजना देख रहे अधीक्षण अभियंता योगेश कुमार का कहना है कि फिलहाल आगे का काम प्रस्ताव की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा।